बीत गया जो वर्ष हमारा, उस पर करें विचार।
अगर कहीं कुछ कमी रह गई ,उसमें करें सुधार।।
गलती कभी न करें दुबारा।
मानव जन्म सभी से प्यारा।।
ठोकर खाकर सभी सीखते, यह अद्भुत संसार।
अगर कहीं कुछ कमी रह गई, उसमें करें सुधार।।
अगर आपने कुछ भी पाया।
जिसमें सुख सौभाग्य समाया।।
विगत वर्ष के साथ प्रभू का, प्रकट करें आभार।
अगर कहीं कुछ कमी रह गई, उसमें करें सुधार।।
सुख दुख का गहरा नाता है।
कर्मों से आता जाता है।।
कर्म प्रधान विश्व रचि राखा,कलयुग में करतार।
अगर कहीं कुछ कमी रह गयी , उसमें करें सुधार।।
अगर समझ में कुछ ना आता।
कौन हमारा भाग्य विधाता।।
रामशरण में रहो हमेशा,कहत “राम अवतार”।।
अगर कहीं कुछ कमी रह गई, उसमें करें सुधार।।
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बीत गया जो वर्ष हमारा, उस पर करें विचार। अगर कहीं कुछ कमी रह गई ,उसमें करें सुधार।।कवि- राम अवतार गुप्ता
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