संवाददाता असोथर फतेहपुर।
डिजिटल लेनदेन के दौर में तकनीक का गलत इस्तेमाल कर लोगों से ठगी करने वाले एक शातिर ठग को असोथर पुलिस ने पकड़ लिया है। आरोपी युवक मोबाइल से QR कोड स्कैन कर नकली “पेमेंट सक्सेसफुल” मैसेज दिखाकर दुकानदारों को चूना लगा रहा था। बुधवार को प्रतापनगर तिराहे पर जब उसने एक दुकानदार से यही चाल चली तो लोगों की सूझबूझ से वह रंगे हाथ पकड़ लिया गया। जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक ने तिराहे पर एक दुकान से सामान खरीदा और मोबाइल से स्कैन कर पेमेंट का दावा किया। मोबाइल स्क्रीन पर “पेमेंट सक्सेसफुल” का मैसेज दिखाते हुए वह दुकान से निकलने लगा। दुकानदार को शक हुआ तो उसने तत्काल अपने बैंक खाते और वॉलेट में ट्रांजेक्शन की जांच की, जहां कोई रकम नहीं आई थी। उसने शोर मचाया तो मौके पर मौजूद लोगों ने भागने की कोशिश कर रहे युवक को पकड़ लिया और उसकी जमकर पूछताछ की। सूचना पर असोथर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान युवक के मोबाइल में कई फर्जी पेमेंट स्क्रीनशॉट्स, QR कोड और नकली वॉलेट ऐप्स पाए गए। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने अब तक कई लोगों को इसी तरीके से ठगा है। थाना प्रभारी असोथर ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि युवक फर्जी पेमेंट दिखाने के लिए मोबाइल में नकली ट्रांजेक्शन स्क्रीन तैयार करता था। यह भी जांच की जा रही है कि वह किसी संगठित ठगी गिरोह से जुड़ा है या अकेले इस काम को अंजाम दे रहा था। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि बीते कुछ दिनों से प्रतापनगर क्षेत्र में स्कैन पेमेंट के जरिए ठगी की घटनाएं बढ़ रही थीं। कई दुकानदारों ने पहले भी मौखिक रूप से पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन बुधवार को लोगों ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। थाना प्रभारी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ग्राहक के मोबाइल पर दिखाए गए पेमेंट मैसेज पर भरोसा करने से पहले अपने खाते में राशि आने की पुष्टि अवश्य करें। उन्होंने कहा, “डिजिटल फ्रॉड करने वालों को किसी भी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा। पुलिस ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई कर रही है।” विशेषज्ञों का कहना है कि ठग अब नकली ऐप्स और फर्जी स्क्रीन बनाकर लोगों को झांसा दे रहे हैं। किसी भी डिजिटल भुगतान के बाद बैंक या वॉलेट की नोटिफिकेशन जांचना जरूरी है। थोड़ी सी सतर्कता बड़े नुकसान से बचा सकती है।






