फतेहपुर। मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर परिसर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले 436वीं साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता के पी सिंह कछवाह ने की, जबकि संचालन शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष के पी सिंह कछवाह ने मां सरस्वती की वंदना से किया। उन्होंने अपने भाव प्रसून प्रस्तुत करते हुए कहा—
“सरस्वती मां, वंदना, करूं जोड़कर हाथ।
वाणी, अक्षर ज्ञान दे, माता, करो सनाथ।।”
इसके बाद उन्होंने लोकतंत्र और पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों पर अपनी कविता के माध्यम से कहा—
“लोकतंत्र विजयी हुआ, बना देश की ढाल।
भय, अनीति, अन्याय से मुक्त हुआ बंगाल।।”
डा. सत्य नारायण मिश्र ने भ्रष्टाचार और सुशासन पर अपने विचार व्यक्त करते हुए पढ़ा—
“भ्रष्टाचारी नेताओं से, मुक्ति मिली है आज।
आशाओं का कमल खिला है, जागा सुभग सुराज।।”
राम अवतार गुप्ता ने मातृ दिवस पर अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति में कहा—
“मातृदिवस में मातृशक्ति को नमन करूं शतबार।
करुणा, दया, त्याग की मूरत, कहत ‘राम अवतार’।।”
प्रदीप कुमार गौड़ ने राजनीतिक परिस्थितियों पर कटाक्ष करते हुए कहा—
“तुष्टीकरण व गुंडागर्दी, सनातनी आस्था पर चोट।
ऐसी सरकारों की ही, जनता ने उलट-पलट दी वोट।।”
डॉ. शिव सागर साहू ने बंगाल की राजनीति पर अपने विचार व्यक्त करते हुए पढ़ा—
“किला ढहा तृणमूल का, गई भाजपा जीत।
अब बंगाल विकास का, गाएं सब मिल गीत।।”
उमाकांत मिश्र ने गीत के माध्यम से संवेदनाओं को स्वर दिया—
“निश्छल सहज संवेदना वा त्याग है।
गीत में भावों भरा अनुराग है।।
बेवजह आकर कोई आंखें दिखाए,
गीत तब मेरा दहकती आग है।।”
अनिल कुमार मिश्र ने मां की ममता का भावपूर्ण चित्रण करते हुए कहा—
“तेज धूप में बदली जैसी, मैंने मां को देखा है।
दुख में पकड़े उंगली जैसी, मैंने मां को देखा है।।”
कार्यक्रम के आयोजक एवं संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों और मातृ दिवस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा—
“ममता की क्षमता घटी, अब शुभेंदु सरकार।
है पश्चिम बंगाल में, बहनी नई बयार।।”
इसके साथ ही उन्होंने मां की महानता पर कहा—
“मां से बढ़कर दूसरा, होगा कौन महान।
वह अपने शिशु के लिए, धरती में भगवान।।”
कार्यक्रम के अंत में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल ने सभी कवियों एवं उपस्थित जनों को आशीर्वाद प्रदान किया। आयोजक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने सभी अतिथियों एवं श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।






