असोथर/फतेहपुर
ऋषि मुनियों की तपोस्थली सरकंडी के तेलानवीर बाबा आश्रम का हुआ पुनरोत्थान
जनपद फतेहपुर के सुदूरवर्ती यमुना की तलहटी में स्थित वीर भूमि सरकंडी का इतिहास सनातन से गौरव मई रहा है लेकिन कालांतर में यहाँ का विकास चक्र शिथिल होकर चरमरा सा गया था। और वर्ष 2005 के पहले बीस वर्ष पूर्व सरकंडी की पहचान अति पिछडी ग्राम सभा और डकैत गिरोहों की सरण स्थली के रूप में भी होने लगी थी यहां पानी बिजली सड़क शिक्षा चिकित्सा जैसी अन्य समस्या के साथ बीस हजार की आबादी हर समय दस्यु दलों के बूटो की खनक, संगीनों के साए में शहमी रहती थी इसी अंतराल में सरकंडी के देवतुल्य नागरिकों के सहयोग से परिवर्तन चक्र गतिमान हुआ और सरकंडी का काया कल्प सुरु हो गया,अब सरकंडी विकास की ओर अग्रसर है,सांसद विधायक क्षेत्र पंचायत ग्राम पंचायत वं अन्य कार्यदाई संस्थाओं के सहयोग से सरकंडी में सड़कों का जाल बिछाया गया है सभी मजरो तक सड़क/खडंझा मार्ग बिजली का करंट स्वच्छ पेयजल पहुंचा है और पांच हजार से अधिक जरूरतमंदों को पक्की छत/कॉलोनी*
*राशन कार्ड जॉब कार्ड वृद्धा विधवा दिव्यांग पेंशन का*लाभ मिला है नाला नालियों में पुल का निर्माण हुआ कृषि विकास के लिए मेंडबंदी भूमि समतली कारण एवं*किसानों की खुशहाली के लिए चकबंदी योजना लागू हुई है जो सबके सामने है।








