फतेहपुर विकासखंड असोथर की ऐझी ग्राम सभा में कथित दो करोड़ रुपये के विकास घोटाले की जांच उस समय विवादों में घिर गई, जब शिकायतकर्ता और ग्रामीणों ने जांच टीम की कार्यप्रणाली पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर काफी देर तक बहस और हंगामे का माहौल बना रहा।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभा में नाली, खड़ंजा, मनरेगा, रीबोर समेत विभिन्न विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। शिकायतकर्ता सौरभ सिंह चौहान का दावा है कि करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी धनराशि के उपयोग में गड़बड़ी की गई है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ती त्रिपाठी, लेखा परीक्षा अधिकारी अमरेंद्र सिंह तथा पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता की संयुक्त जांच टीम गांव पहुंची।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच टीम ने पहले मौके पर जाकर विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन करने और शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज करने के बजाय सीधे प्रधान के घर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। उनका कहना है कि सुबह से इंतजार कर रहे ग्रामीणों की बात सुने बिना जांच पूरी करने का प्रयास किया गया, जिससे लोगों में नाराजगी फैल गई।
सौरभ सिंह चौहान ने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो मुख्यमंत्री से शिकायत की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का भी रुख किया जाएगा। ग्रामीणों ने भी पूरे मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
वहीं, प्रधान पति सुरेंद्र द्विवेदी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह चुनावी रंजिश से प्रेरित शिकायत है। उन्होंने दावा किया कि ग्राम सभा में सभी विकास कार्य नियमानुसार कराए गए हैं और गांव के लोग इसकी पुष्टि कर सकते हैं।







