उत्तराखण्ड – काशीपुर का माहौल अचानक बेकाबू हो गया… बिना अनुमति निकले जुलूस ने शहर को दंगे की आग में झोंकने की कोशिश की… पथराव, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमला भी हुआ… लेकिन खाकी के तेज़ एक्शन ने चंद मिनटों में हालात काबू में कर लिए। और अब तस्वीर साफ है कानून के साथ-साथ बुलडोजर की गड़गड़ाहट भी गुंडों पर भारी पड़ेगी। काशीपुर के अलीखान इलाके में अचानक कुछ लोग ‘I Love मोहम्मद’ लिखे बैनर लेकर जुलूस निकाल लाए। न प्रशासन से अनुमति थी, न पुलिस को खबर। देखते ही देखते भीड़ बढ़ी और माहौल बेकाबू हो गया। पथराव, धक्का-मुक्की और पुलिस से मारपीट तक की नौबत आ गई। सूचना मिलते ही एसपी सिटी अभय सिंह मौके पर पहुंचे और भारी पुलिस बल के साथ हालात पर काबू पा लिया। पुलिस के तेज़ एक्शन की वजह से न तो कोई बड़ी जनहानि हुई और न ही उद्योग-व्यापार पर असर पड़ा। अब पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए समाजवादी पार्टी के नेता नदीम अख्तर, दानिश चौधरी, हनीफ गांधी और अन्य अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जुलूस में 400 से 500 लोग शामिल थे और मंच से भड़काऊ भाषण दिए जा रहे थे। जब रोका गया तो भीड़ ने पुलिस पर हमला किया और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई… बवाल के बाद अलीखान इलाके में धामी सरकार का बुलडोजर भी गरज पड़ा। जिस जगह से उपद्रव हुआ, वहां अतिक्रमण पर धामी का पीला पंजा चला। संदेश साफ है— जो फिजाओं में नफरत घोलेंगे, उन्हें कानून के साथ-साथ बुलडोजर की दहशत भी झेलनी पड़ेगी।
तो साफ है… काशीपुर को दंगे की आग में झोंकने की कोशिश जरूर हुई, लेकिन पुलिस की सूझबूझ और खाकी की सख्ती ने हालात संभाल लिए। और अब बुलडोजर की गड़गड़ाहट ने यह मैसेज भी दे दिया है— काशीपुर में गुंडाराज नहीं, सिर्फ कानून और धामी सरकार का राज चलेगा।
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काशीपुर का माहौल अचानक बेकाबू हो गया बिना अनुमति निकले जुलूस ने शहर को दंगे की आग में झोंकने की कोशिश की…
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