नरसिंह मौर्य, असोथर फतेहपुर
असोथर विकासखंड की ग्राम पंचायत सरकंडी में खाद्यान्न घोटाले की शिकायतों की जांच बुधवार को प्रशासनिक टीम ने किया। मुंजीकुंआ विद्यालय में आयोजित जांच के दौरान करीब डेढ़ सौ कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए। इस दौरान कई बार शिकायतकर्ताओं और कोटेदारों पक्ष के लोगों के बीच झड़प की नौबत आ गई। हालात संभालने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
गौरतलब है कि सरकंडी में एक ही स्थान से संचालित दो उचित दर की दुकानों पर अनियमितताओं की शिकायत चार दर्जन से अधिक कार्डधारकों ने की थी। आरोप था कि कोटेदार मिथिलेश कुमारी पत्नी सुनील और शिवशंकर तिवारी उर्फ विद्दन पुत्र बैजनाथ कार्डधारकों को खाद्यान्न में कटौती कर कम अनाज देते हैं। कई बार धमकाकर भगा देने तक की शिकायतें भी जिलाधिकारी तक पहुंची थीं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, आपूर्ति निरीक्षक और लेखपालों की 10 सदस्यीय टीम गठित की। बुधवार को टीम ने विद्यालय में मौजूद कार्डधारकों के बयान, कार्ड नंबर व हस्ताक्षर वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ दर्ज किए। इसके बाद टीम ने दोनों कोटेदारों के यहां जाकर खाद्यान्न व स्टॉक रजिस्टर का मिलान भी किया।
जांच टीम के सदस्य मीडिया से कुछ भी कहने से बचते रहे और प्रक्रिया को गोपनीय बताते हुए रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपे जाने की बात कही। जांच के दौरान करीब 791 कार्डों में से करीब 150 कार्डधारकों से ही बयान लिए जा सके। वहीं शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विद्यालय में एकत्र करके की गई जांच उचित नहीं है। जांच घर-घर जाकर होनी चाहिए तभी सच्चाई सामने आ पाएगी।
इस दौरान जांच टीम में नायब तहसीलदार राकेश वर्मा, रजनीश श्रीवास्तव, राजस्व निरीक्षक रामआसरे विश्वकर्मा, चार लेखपाल, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी उमेश कुमार शुक्ला, आपूर्ति निरीक्षक मयंक श्रीवास्तव, भास्कर मिश्रा, आसिफ अली और आशुतोष शुक्ला शामिल रहे। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि संबंधित कोटेदार को पूर्व में भी कोर्ट से सजा हो चुकी है।







