यूपी के गाजीपुर जिले में जिंदा तो जिंदा मुर्दा भी सरकारी राशन कर रहे थे हजम वह भी एक दो नहीं बल्कि करीब 13 000 मृतक सरकारी राशन का लाभ उठा रहे थे। इसका खुलासा विभाग के द्वारा ई केवाईसी कराए जाने के दौरान सामने आया है। इसके बाद से अब राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम से जनपद के सभी मृतकों का नाम काट दिया गया है। जिसमें शहरी इलाके में 436 तो ग्रामीण इलाके के करीब 13 000 सदस्य शामिल रहे।
गाजीपुर जनपद ही नहीं पूरे देश में कोविड-19 के बाद फ्री राशन की योजना चल रही है। जिसमें सभी पत्र लाभार्थियों को निशुल्क राशन सस्ते गले की दुकान से वितरित किया जाता है। ऐसे में इन लाभार्थियों में बहुत सारे ऐसे लोग भी इसका लाभ उठा रहे थे जो पात्र नही थे। इन्हीं सब को देखते हुए शासन की तरफ से सभी लाभार्थियों को ई केवाईसी कराया जाना अनिवार्य कर दिया गया था । जिसकी अंतिम तिथि 31 मार्च नियत की गई थी । लेकिन उस तिथि तक भी लोगों का ईकेवाईसी जब नहीं हो पाया तब इस डेट को अब और आगे बढ़ाते हुए 30 जून तक कर दिया गया है.।
राशन कार्ड में ई केवाईसी के साथ ही साथ ऐसे लाभार्थी जिनकी मृत्यु हो चुकी है या फिर उनके परिवार के बने राशन के यूनिट में अन्य सदस्यों की मृत्यु हो चुकी है। ऐसे लोगों का भी नाम सूची से हटाया जा रहा है।जिसमें से अब तक राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से जिले के करीब 13294 मृतकों का नाम लाभार्थियों की सूची से हटा दिया गया है। जिसमें अगर हम बात करें तो शहरी इलाके के 436 तो ही ग्रामीण इलाके के 12858 सदस्य का नाम हटा दिया गया है जो अब इस दुनिया में नहीं है।







