फतेहपुर। जनपद के मुख्यालय समेत आसपास के कस्बों में इन दिनों गुटखा और पान मसाला को लेकर अजीब स्थिति बनी हुई है। बाजार में कथित तौर पर कृत्रिम किल्लत की चर्चा जोरों पर है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उपलब्ध पाउच प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर बेचे जा रहे हैं, जिससे शौकीनों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहे हैं। पाउच पर अंकित मूल्य कुछ और है, जबकि ग्राहकों से 2 से 5 रुपये तक अधिक लिए जा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि विरोध करने पर दुकानदार “सप्लाई कम आने” का हवाला देकर सामान देने से इनकार कर देते हैं या फिर सीमित स्टॉक की बात कहकर अधिक कीमत वसूलते हैं।
कस्बाई इलाकों में यह भी चर्चा है कि यह केवल सप्लाई की समस्या नहीं, बल्कि कालाबाजारी का संगठित खेल हो सकता है। आरोप है कि थोक स्तर पर माल रोककर बाजार में कमी का माहौल बनाया जा रहा है, ताकि खुदरा स्तर पर ऊंचे दाम वसूले जा सकें। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि जिम्मेदार विभागीय अधिकारी स्थिति से अवगत होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। यदि समय रहते औचक निरीक्षण और सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो यह मनमानी और बढ़ सकती है।
लोगों ने मांग की है कि बाजार में छापेमारी कर प्रिंट रेट से अधिक मूल्य वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके और कालाबाजारी पर रोक लग सके।








