फतेहपुर- शैलेन्द्र साहित्य सरोवर की 422 वीं साप्ताहिक रविवासरीय काव्य गोष्ठी शहर के मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले 422 वीं साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन के पी सिंह कछवाह की अध्यक्षता एवं शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी के संचालन में हुआ । मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे ।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए के पी सिंह कछवाह ने वाणी वंदना मे अपने भाव प्रसून प्रस्तुत करते हुए कहा- मातु शारदे , कर दया, करो ज्ञान – विस्तार ।
कविजन करते वंदना, आप करो स्वीकार ।।
पुनः कार्यक्रम को गति देते हुए काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार से अपने अंतर्भावों को प्रस्तुत किया- चारों तरफ विकास हो , बने सुरक्षित देश।
विकसित
जनकल्याण का , बजट हो गया पेश।।
डा. सत्य नारायण मिश्र ने अपने भावों को एक छंद के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किया – संगी- साथी बहुत हैं ,जबहिं गांठ में दाम।
परत विपति या जगत में , आत न कोई काम।।
राम अवतार गुप्ता ने अपने भावों को मुक्तक में कुछ इस प्रकार पिरोया- पाया मोदी के बजट,में सबने सम्मान।
युवा-वृद्ध,महिला- पुरुष,वा मजदूर- किसान ।।
प्रदीप कुमार गौड़ ने अपने क्रम में काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार भाव प्रस्तुत किये – यूरोपीय संघ औ भारत , मध्य हुआ एक अहम करार ।
भारत- रुतबा और बढे़गा, श्रम, शिक्षा, रक्षा, व्यापार।।
अनिल कुमार तिवारी ‘निर्झर’ ने काव्य पाठ में अपने भावों को कुछ इस प्रकार शब्द दिए -नृत्य मंजरी कर रही ,सरसों गाती गान।
गेहूं हंसी बिखेरता ,पा पोषण का दान ।।
हिमांशु कुमार जैसल ने पढ़ा,-आओ रील बनावा जाय।
देश के मुद्दन का समेटिकै, एकै जघा मा लावा जाय ।।
काव्य गोष्ठी के आयोजक एवं संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने अपने भाव एक मुक्तक के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किये – माघपूर्णिमा पुण्यप्रद, स्नान भक्ति के संग।
मन चंगा तो चाव से , भरें कठौती गंग ।।
कार्यक्रम के अंत में पुजारी जी ने सभी को आशीर्वाद प्रदान किया । आयोजक ने आभार व्यक्त किया ।








