फतेहपुर जिले में तीन पंचवर्षीय प्रधानी की आड़ में शौचालयों के लाखों की रकम हजम कर डाला। घोटाला के इस खेल में प्रधान, पूर्व प्रधान समेत अफसरों के शामिल होने के आरोप लगना शुरु हो गए है। प्रकरण की जांच और रकम रिकवरी के साथ दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराने की शिकायत विभागीय प्रमुख सचिव के दफ्तर तक ही सीमित रह गई पूरे। शिकायत कर्ता ने पूरे मामले में एफआईआर की मांग की गई है बहुआ विकास खण्ड के चक इटौली ग्राम पंचायत में वर्ष 2011 से लेकर अब तक एक ही घर में प्रधानी चली आ रही है। इसी की आड़ में स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर 2016-2021 तक 22 नामों से निकाले गए 44 लाख रुपये की धनराशि को हड़प लिए जाने का आरोप है। ग्रामीणों की माने तो चक इटौली में शौचालयों के नाम पर वित्तीय वर्ष 2016-2021 तक में 22 नामों से 44.94 लाख रुपए निकाले गए। जिसमें आठ दफा प्रधान और सात बार मनमाने तरह से ID से नाम से निकाला गया। अन्य अलग अलग नामों से तीन लाख, एक लाख, डेढ लाख, पचास हजार समेत कुल 44,94,000 निकाला गया।इस मामले में लोकपाल की जांच भी हुई लेकिन कार्यवाई नही हुई विभाग का अब भी कहना है कि यदि दोष सिद्ध हुआ तो संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सबसे खास बात तो यह है कि शौचालय योजना में ही सेंधमारी कर गरीबों के हक की रकम हजम कर डाली। वित्तीय वर्ष 2016 से 2021 तक में अपने चहितों के नाम से 44.94 लाख की रकम निकलकर डकार गए। सबसे बड़ी बात तो यह है कि शौचालयों के नाम पर बगैर टेंडर के ही धनराशि निकाल ली गई। प्रकरण में प्रधान, पूर्व प्रधान पर लाखों की रकम हजम करने में मुख्यालय में आसीन अफसरों की मिलीभगत के भी आरोप लगे है। जिसकी शिकायत पंचायती राज के प्रमुख सचिव तक पहुंच गई है। इस मामले को लेकर प्रधान कुछ भी बताने को तैयार नही है जब कि शिकायत कर्ता त्रिदोष ने शासन व प्रशासन से कार्यवाई की मॉग कर रहा है।









