फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से साइबर क्राइम का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी को ही निशाना बना दिया। मामला सामने आने के बाद इसकी चर्चा हो रही है। दरअसल, रिटायर्ड पुलिस अधिकारी को साइबर ठगों ने पेंशन दिलाने के नाम पर ठग लिया। उन्हें लिंक भेज कर उस पर क्लिक करने को कहा। जैसे ही दरोगा जी ने लिंक पर क्लिक किया, उनके खाते से 10 लाख रुपये साफ हो गए। आम लोगों को निशाना बना रहे साइबर ठग अब पुलिसकर्मियों को निशाने पर ले रहे हैं। इसको लेकर चर्चा का बाजार गरमा गया है। ट्रेजरी अधिकारी बनकर ठगी के मामले में साइबर थाना पुलिस को तहरीर दी है।
रिटायर्ड दरोगा से धोखाधड़ी
जानकारी के अनुसार, धाता थाना क्षेत्र के पल्लावां गांव निवासी रामसेवक सिंह पुलिस विभाग में थे। इनकी तैनाती वाराणसी में दारोगा के पद पर थी। एक महीने पहले ही वह रिटायर हुए हैं। पुलिस कर्मी का बैंक अकाउंट कौशाम्बी के मंझनपुर स्थित एसबीआई ब्रांच में है। बताया जा रहा है कि बीते 20 दिसंबर को उनके मोबाइल फोन पर एक कॉल आई। कॉलर बोला वह ट्रेजरी ऑफिस वाराणसी का अधिकारी बोल रहा है। वहीं, इस दौरान उसने दारोगा के बैंक खाते में लाखों रुपये आने की बात कही।
लिंक खोलते ही उड़े रुपये
इसके बाद साइबर ठग ने पीड़ित से योनो एसबीआई एप डाउनलोड कराकर यूजर आईडी और पासवर्ड ले लेने के बाद 23 दिसंबर को व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजाकर ऑनलाइन रहते हुए लिंक ओपन करने को कहा। आरोप है कि लिंक खोलते ही खाते से दो बार में 5-5 लाख रुपये निकल गए। जब अकाउंट से पैसा निकालने का मैसेज आया तो पीड़ित के होश उड़ गए। इसके बाद उन्हें अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ। इसपर उन्होंने बैंक में संपर्क कर खाते से रुपये निकासी पर रोक लगवा दी।
नंबर ट्रेस करने का प्रयास
साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील सिंह ने बताया कि मामले में पीड़ित की तहरीर के आधार पर आईटी एक्ट के साथ अन्य सुसंगत धाराओं में अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया गया है। ठगी करने में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर आरोपी तक पहुंचाने का प्रयास जारी है। वहीं, किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने की सलाह पुलिस की ओर से दी जा रही है।






