UP के फतेहपुर जिले में सरकारी कार्यालयों में मनमानी और कथित भ्रष्टाचार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल से जुड़ा है, जहां बिना किसी वैकेंसी के डिप्टी सीएम के कथित रिश्तेदार को फार्मासिस्ट की नौकरी दिए जाने का आरोप सामने आया है।
बताया जा रहा है कि करीब दो महीने पहले मेडिकल कॉलेज में फार्मासिस्ट के पद पर बिना किसी आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया के नियुक्ति कर दी गई। यह भी आरोप है कि नियुक्ति पाने वाला व्यक्ति उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का रिश्तेदार बताया जा रहा है। अब जब हाल ही में मेडिकल कॉलेज में भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है, तो उसी नियुक्ति को औपचारिक रूप से समायोजित करने की तैयारी की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, संबंधित अधिकारी सत्ता के करीब पहुंचने और अपनी कुर्सी बचाने के लिए नेताओं की चापलूसी में लगे हुए हैं। बताया जाता है कि कुछ समय पहले उप मुख्यमंत्री के फतेहपुर दौरे के दौरान भी अधिकारी ने कथित तौर पर उसी रिश्तेदार के माध्यम से उनसे मिलने की कोशिश की थी।
इतना ही नहीं, चर्चा यह भी है कि अधिकारी बिना निमंत्रण के ही उप मुख्यमंत्री के पारिवारिक शादी समारोह में उस रिश्तेदार को साथ लेकर पहुंच गए थे। काफी प्रयासों के बाद ही वे उप मुख्यमंत्री के सामने अपनी मौजूदगी दर्ज करा पाए थे।
मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में इस पूरे मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। स्वास्थ्य विभाग के भीतर भी बड़े स्तर पर सेटिंग और मनमानी के आरोप लगाए जा रहे हैं। कुछ चिकित्सकों को मनचाही तैनाती मिलने और कई जगहों पर अतिरिक्त चार्ज देकर व्यवस्था चलाने की बातें भी सामने आ रही हैं।
सूत्रों का दावा है कि विभाग में एक चिकित्सक को “वसूली बाबू” की भूमिका में देखा जा रहा है, जो सेटिंग के जरिए कई व्यवस्थाएं संचालित कर रहा है और अधिकारियों को कथित तौर पर गलत रिपोर्ट दी जा रही है।
अगर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में चल रही अनियमितताओं और सेटिंग का बड़ा खुलासा हो सकता है। साथ ही कई चिकित्सकों और अधिकारियों की मनमानी भी सामने आ सकती है।






