राजधानी- केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ा दी हैं। बुधवार को लखनऊ पहुंचे चिराग पासवान ने कहा कि किसी भी राजनीतिक गठबंधन में असरदार बातचीत तभी हो सकती है जब पार्टी का संगठन मजबूत हो, उसे जनता का समर्थन हासिल हो और उसका राजनीतिक प्रभाव हो। उन्होंने कहा कि इन आधारों के बिना, कोई पार्टी गठबंधन में अपनी बात मजबूती से नहीं रख पाएगी।
बिहार का उदाहरण देते हुए पासवान ने बताया कि विधानसभा चुनावों में शुरुआती अनुमानों के मुताबिक उनकी पार्टी को 10-11 से ज्यादा सीटें लड़ने के नहीं मिलने वाली थीं, लेकिन उन्हें चुनाव लड़ने के लिए गठबंधन में 29 सीटें मिलीं। उन्होंने दावा किया कि इनमें से 26 सीटें ऐसी थीं जिन पर पहले हार हो चुकी थी, उनकी पार्टी ने उनमें से 19 सीटें जीतीं, जबकि कई सर्वे में पार्टी के बहुत खराब प्रदर्शन का अनुमान लगाया गया था।
राज्य इकाई करेगी सीटों का फैसला
बीती 5 जुलाई को केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा था कि उनकी पार्टी, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि गठबंधन बनाने और सीटों के बंटवारे पर फैसला पार्टी की राज्य इकाई करेगी।
पासवान ने पत्रकारों से कहा, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने का इरादा रखती है। गठबंधन का स्वरूप, उसका रूप और हम कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, इसका फैसला राज्य इकाई करेगी। अंतिम मंजूरी केंद्रीय संसदीय बोर्ड देगा।
विस्तार की सोच के साथ आगे बढ़ रही है पार्टी
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, कि आने वाले दिनों में पार्टी विस्तार की सोच के साथ आगे बढ़ रही है। हम पूरे देश में संगठन को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं। इसी सोच के साथ, पार्टी का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में भी अपने संगठन को मजबूत करना है। उन्होने बताया कि, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने यह फैसला किया है कि हमारी पार्टी के संस्थापक और मेरे पिता राम विलास पासवान की जयंती इस साल उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मनाई जाएगी।






