फतेहपुर में व्यापारी वर्ग ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया। व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है, जिससे उन्हें मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में व्यापारियों ने बताया कि व्यापार बंधु की बैठक नियमित रूप से नहीं हो रही है, जिसके कारण उनकी समस्याएं लंबित रहती हैं। वहीं व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक को केवल खानापूर्ति बताया गया, जिसमें संबंधित अधिकारी जैसे नगरपालिका और थाना-चौकी प्रभारी अक्सर अनुपस्थित रहते हैं, जिससे समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता।
व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि गांधी सभागार, विकास भवन और थानों में होने वाली बैठकों की सूचना समय पर नहीं दी जाती, जबकि इस विषय में पहले भी अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
शहर में बढ़ते अतिक्रमण और गायब होते फुटपाथ को लेकर भी नाराजगी जताई गई। व्यापारियों ने बताया कि चार महीने पहले कार्ययोजना बनी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
इसके अलावा ज्वालागंज बस स्टॉप से बसों का संचालन अंदर से कराने की मांग भी दोहराई गई, जिस पर अब तक अमल नहीं हो सका है।
व्यापारियों ने सुझाव दिया कि व्यापार मंडल की बैठकों में प्रत्येक संगठन से केवल 5 प्रतिनिधियों को ही शामिल होने की अनुमति दी जाए, जिससे बैठक व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।
अंत में व्यापारियों ने जिलाधिकारी से मांग की कि इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से विनोद गुप्ता, संजय गुप्ता, रज्जन गुप्ता, एडवोकेट मो. आसिफ, संजय सिंह जौहरी, मुकीम अहमद, मो. अलीम, विनोद सिंह चंदेल, हिमांशु श्रीवास्तव और दीपू सिंह शामिल रहे।






