फतेहपुर पूर्व सैनिक उत्थान एवं लोक कल्याण समिति की बिंदकी तहसील की मासिक बैठक वेद गेस्ट हाउस में अध्यक्ष शेख खालिद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत मथुरा में धार्मिक यात्रा के दौरान नाव दुर्घटना में मृत 18 श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि देकर की गई। सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
बैठक में पूर्व सैनिक कैलाश नारायण, उमाकांत और उमेश तिवारी ने वेद गेस्ट हाउस के समीप स्थित एक प्राचीन धरोहर—‘नैनी कुआं’—का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि यह कुआं, पास स्थित भगवान के मठ और विशाल चबूतरे के साथ, लगभग 200 वर्ष पुराना ऐतिहासिक स्थल है। पहले यहां दूर-दूर से आने वाले लोग, विशेषकर शादी-विवाह में कुआं पूजन की परंपरा निभाने और ललौली क्षेत्र के व्यापारी विश्राम व जल ग्रहण के लिए आते थे।
बताया गया कि बुजुर्गों के अनुसार करीब 200 वर्ष पूर्व जफराबाद क्षेत्र में भीषण अकाल पड़ा था। उसी समय नैमिषारण्य से आए एक संत, मोनी बाबा ने यज्ञ कार्यों के लिए शुद्ध जल उपलब्ध कराने हेतु इस कुएं का निर्माण कराया था, जिससे इसका नाम ‘नैनी कुआं’ पड़ा।
बैठक में आरोप लगाया गया कि कुछ भू-माफियाओं ने इस कीमती जमीन पर कब्जा करने की नीयत से कुएं को मिट्टी डालकर और ऊपर लोहे का जाल लगाकर ढक दिया है। पूर्व सैनिकों के साथ अध्यक्ष विद्याभूषण तिवारी और महिला अध्यक्ष जागृति तिवारी ने मौके का निरीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि लगभग 12 फीट चौड़ा यह कुआं अभी भी अस्तित्व में है और उसमें शीतल जल मौजूद है, लेकिन उसे जाल से ढक दिया गया है।
समिति ने निर्णय लिया कि इस प्राचीन धरोहर के संरक्षण और पुनर्निर्माण के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से सहयोग मांगा जाएगा, ताकि इसकी ऐतिहासिक व आध्यात्मिक महत्ता को पुनर्जीवित किया जा सके।
इस मौके पर कैप्टन रामराज सिंह, भगवान दिन, मनीराम, धर्मराज सिंह, सूरज पाल और रमाशंकर पांडे सहित कई पूर्व सैनिक व सदस्य उपस्थित रहे।






