यूपी के फतेहपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के आलियाबाद गांव में एक शिक्षामित्र और बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) ने कथित रूप से ड्यूटी के दबाव और छुट्टी न मिलने से परेशान होकर स्कूल परिसर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, वहीं गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, आलियाबाद गांव निवासी अखिलेश कुमार शिक्षामित्र के पद पर तैनात थे और वर्तमान में बीएलओ की जिम्मेदारी भी निभा रहे थे। बताया जा रहा है कि उनकी बेटी की शादी 8 मार्च को तय थी और शादी की तैयारियां चल रही थीं। परिजनों का आरोप है कि शादी के चलते उन्होंने छुट्टी की मांग की थी, लेकिन उन्हें अवकाश नहीं दिया गया। इसके साथ ही लगातार ड्यूटी का दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वे मानसिक रूप से काफी परेशान चल रहे थे।
परिजनों का कहना है कि अत्यधिक तनाव और प्रशासनिक दबाव के कारण उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया। मृतक के भाई भूपेश कुमार ने बिंदकी एसडीएम समेत संबंधित अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते छुट्टी दे दी जाती और मानसिक दबाव नहीं बनाया जाता तो शायद यह घटना न होती। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल परिसर के बाहर इकट्ठा हो गए। पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन आक्रोशित परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को अपने घर ले गए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जाएगी। वहीं इस घटना ने एक बार फिर सरकारी कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यदबाव और मानसिक तनाव के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।








