फतेहपुर जनपद के खागा कस्बे में गैंगरेप पीड़िता के गांव जा रहे अपनी समाज पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने गांव से कुछ दूरी पहले ही रोक दिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अशोक मौर्य कर रहे थे, जो अपने समर्थकों के साथ पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे थे।

जानकारी के मुताबिक, जैसे ही काफिला खागा कोतवाली क्षेत्र में पीड़िता के गांव के करीब पहुंचा, पहले से तैनात पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कार्यकर्ता गांव में प्रवेश की मांग पर अड़े रहे, जबकि पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए आगे जाने की अनुमति नहीं दी।
मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में पहले से ही संवेदनशील माहौल है, इसलिए किसी भी राजनीतिक दल या भीड़ को गांव में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
वहीं, प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उनका कहना है कि वे केवल पीड़ित परिवार से मिलकर उनका हाल जानना चाहते थे।
फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।






