फतेहपुर। सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर अटल पथ जेल रोड स्थित जिला कार्यालय में भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के विचारों, संगठन की यात्रा और राष्ट्र निर्माण में योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव ने की, जिन्होंने उपस्थित वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान वरिष्ठजनों ने अपने संगठनात्मक अनुभव साझा करते हुए पार्टी के शुरुआती संघर्षों और विकास यात्रा पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को ‘राष्ट्रवाद’ और ‘एकात्म मानववाद’ की विचारधारा के आधार पर हुई थी। नई दिल्ली के कोटला मैदान में हुए औपचारिक गठन के बाद अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने पार्टी को मजबूती प्रदान की।
वक्ताओं ने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 1984 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को मात्र 2 सीटें मिली थीं, लेकिन आज यह विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बन चुकी है।
जिलाध्यक्ष अन्नू श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प के साथ विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने स्थापना दिवस पर सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कृष्णा पासवान, राजेंद्र पटेल, करण सिंह पटेल, दिनेश बाजपेई, आशीष मिश्रा, अभय प्रताप सिंह, विक्रम सिंह, सुशीला मौर्या, पंकज त्रिपाठी, लवकुश मौर्या, पुष्पराज पटेल सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का हुआ सम्मान
स्थापना दिवस के अवसर पर जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में राधेश्याम गुप्ता, महेंद्रनाथ बाजपेई, राजकुमारी लोधी, अमरनाथ चौरसिया, रमाकांत त्रिपाठी, मनोज शुक्ला, श्यामलाल निषाद, जयपाल वर्मा, सुशील नारायण शुक्ला समेत कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को माल्यार्पण व अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
फूलों और रोशनी से सजा कार्यालय
स्थापना दिवस पर जिला कार्यालय को फूलों की लड़ियों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। कार्यकर्ताओं ने आगंतुकों का स्वागत किया और कार्यालय परिसर में पार्टी के महापुरुषों के विचारों से जुड़े बैनर व स्टीकर लगाए गए, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह और उत्सव का माहौल बना रहा।






