फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में चर्चित लेखपाल सुधीर सुसाइड कांड के परिजनों से सोमवार पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा एक गरीब मां पढ़ा-लिखाकर बेटे को लेखपाल बनाया था, जो हुआ, वो अच्छा नहीं हुआ है, वह पीड़ित परिवार के साथ हैं और हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।
एसआईआर में लगी थी डयूटी
बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के खजुहा कस्बा निवासी सुधीर कुमार कोरी बिन्दकी तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात थे। एसआईआर के काम में सुधीर को जहानाबाद विधानसभा क्षेत्र में सुपरवाइजर के रूप लगाया गया था।
शादी से 24 घंटे पहले फंदे से लटका मिला था शव
शादी से एक दिन पहले बीते 25 नवंबर को घर के अंदर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस दुखद घटना का जिम्मेदार ठहराते हुए परिजनों ने ईआरओ संजय सक्सेना और कानूनगो शिवराम पर आरोप लगाते हुए स्थानीय थाना पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप था कि इसके बाद भी पुलिस ने आरोपियों पर एफआईआर दर्ज नहीं की थी। इसके बाद लेखपाल संघ ने सुधीर की मौत पर उक्त आरोपियों पर केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग कर कार्य का बहिष्कार किया था। वहीं, इस सुसाइड कांड में बीते दिनों सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी परिजनों से मिलकर आर्थिक मदद के साथ मामले को लोकसभा सदन में उठाने की बात कही थी।
हर मोड़ पर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेगी ये पूर्व मंत्री
पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेत्री साध्वी निरंजन ज्योति दोपहर करीब 3:30 बजे मृतक लेखपाल सुधीर के घर पहुंच कर उनके बूढी मां राजकुमारी और बहन अमृता से मुलाकात किया। इस दौरान पूर्व मंत्री ने दुखी परिवार को ढांढस बांधाते हुए सरकार से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही भावुक होकर साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि “गरीब मां ने पढ़ा-लिखा कर बेटे को लेखपाल बनाया था, जो हुआ वो अच्छा नहीं हुआ” वह पीड़ित परिवार के साथ हर मोड़ पर खड़ी हैं।
ईआरओ को भूलेख कार्यालय से किया सम्बद्ध
गौरतलब है कि, इस मामले में लेखपाल संघ के धरना प्रदर्शन के साथ विपक्ष एवं अन्य राजनीतिक दलों के दबाव के चलते उपरोक्त कानूनगो समेत दो के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं मामले में आरोपों से घिरे संजय सक्सेना को भी डीएम ने पद से हटाकर भूलेख कार्यलय से सम्बद्ध किया है।






