उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और विधायक आराधना मिश्रा मोना ने INDIA गठबंधन के प्रदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज गठबंधन का प्रदर्शन मजबूती के साथ हुआ। उन्होंने राहुल गांधी को सभी दलों को एकजुट करने और साथ लाने के लिए बधाई दी। आराधना मिश्रा ने कहा कि INDIA गठबंधन में शामिल सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों ने प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है। उन्होंने इसे एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि बड़े आंदोलन की शुरुआत बताया।
‘राहुल गांधी ने विपक्ष को एकजुट किया’
आराधना मिश्रा ने इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दलों को एक मंच पर लाने के लिए राहुल गांधी को विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सबको एकजुट करने का काम किया। इस विरोध प्रदर्शन में गठबंधन के सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों ने अपना पूरा समर्थन दिया और भागीदारी दर्ज कराई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इसे सिर्फ एक शुरुआत बताते हुए दावा किया कि आने वाले समय में यह एक बड़े आंदोलन का रूप लेगा और आगे बढ़ेगा।
BJP के इशारे पर काम कर रहा चुनाव आयोग
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आराधना मिश्रा ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश का चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर काम कर रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि आयोग का यह रवैया देश के लोकतंत्र में हस्तक्षेप है और लोकतंत्र के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को अब हर हाल में रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
INDIA गठबंधन ने दिखाई एकजुटता
बता दें आज मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग तक इंडिया ब्लॉक का मार्च शुरू हो चुका है। इंडिया गठबंधन के सांसदों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर मंगलवार को संसद परिसर से निर्वाचन सदन की ओर मार्च शुरू किया। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर निर्वाचन आयोग, केंद्र सरकार से जवाब देना चाहिए। विपक्ष मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने की मांग कर रहा है। इस मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी समेत विपक्षी दलों के कई नेता और सांसद शामिल हैं।





