लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य के ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं की शिकायतों और समस्याओं को देखते हुए स्मार्ट मीटर की व्यवस्था में अहम बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार के इस फैसले के अनुसार अब प्रदेश में स्मार्ट मीटर प्रीपेड मोड में संचालित नहीं होंगे, बल्कि पोस्टपेड प्रणाली की तरह काम करेंगे। यानी अब उपभोक्ताओं को पहले से रिचार्ज कराने की जरूरत नहीं होगी और बिजली का बिल उपयोग के बाद जमा किया जाएगा।
प्रीपेड मीटर व्यवस्था में उपभोक्ताओं को सबसे बड़ी समस्या यह थी कि मामूली बकाया या बैलेंस खत्म होने पर तुरंत बिजली काट दी जाती थी, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। इस व्यवस्था को समाप्त करते हुए अब यह सुनिश्चित किया गया है कि एक महीने तक बकाया होने पर भी बिजली आपूर्ति बाधित नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए बकाया बिल को किस्तों में जमा करने की सुविधा देने का भी निर्णय लिया है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी सभी लंबित शिकायतों और तकनीकी समस्याओं का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सरकार के इस फैसले को आम जनता के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, जिससे स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेश में चल रहा असंतोष कम होने की उम्मीद है।






