फतेहपुर। मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर परिसर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के तत्वावधान में 445वीं साप्ताहिक रविवासरीय काव्य गोष्ठी का आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता के.पी. सिंह कछवाह ने की, जबकि संचालन संस्था के संस्थापक एवं अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और काव्य पाठ से हुआ। अध्यक्ष के.पी. सिंह कछवाह ने संस्था की 10 वर्षों की सतत साहित्यिक यात्रा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए साहित्य, पर्यावरण संरक्षण और “एक पेड़ मां के नाम” अभियान पर आधारित अपनी रचनाएं सुनाईं।
डॉ. सत्य नारायण मिश्र ने साहित्य के महत्व और संस्था की उपलब्धियों पर आधारित छंद प्रस्तुत किए। वहीं नवीन शुक्ला ने बदलते सामाजिक रिश्तों पर व्यंग्यात्मक मुक्तक सुनाकर श्रोताओं की सराहना बटोरी।
प्रदीप कुमार गौड़ ने भाषा, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी से वृक्षारोपण का आह्वान किया। डॉ. शिव सागर साहू ने अनुशासन और सामाजिक मूल्यों पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं, जबकि धीरेंद्र पाल ने मां की दुआओं की महिमा पर भावपूर्ण कविता सुनाई।
संस्था के संस्थापक एवं संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने प्रेम, मानवता और जीवन के उद्देश्य पर आधारित मुक्तकों के माध्यम से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि जीवन ऐसा हो, जो समाज में उजाला और सकारात्मकता छोड़ जाए।
कार्यक्रम में बताया गया कि 24 जुलाई 2016 से नवोदित साहित्यकारों को मंच देने, साहित्यिक-सांस्कृतिक वातावरण को सशक्त बनाने और नियमित काव्य गोष्ठियों के संकल्प के साथ शुरू हुई यह यात्रा आज सफलतापूर्वक 10 वर्ष पूर्ण कर चुकी है। इस अवसर पर सभी साहित्यकारों ने संस्था की निरंतरता और योगदान की सराहना की।
अंत में मुख्य अतिथि विजय कुमार शुक्ल ने सभी साहित्यकारों को आशीर्वाद प्रदान किया। आयोजक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने साहित्यकारों, पत्रकारों, पाठकों और हनुमान मंदिर समिति का आभार व्यक्त करते हुए वर्षों की इस साहित्यिक यात्रा में साथ रहे एवं बिछड़ चुके साथियों को श्रद्धापूर्वक याद किया।






