फतेहपुर-असोथर में भीषण बिजली संकट से किसानों, व्यापारियों और आम लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि 18 घंटे में मुश्किल से तीन -चार घंटे ही बिजली मिल रही है। ऊपर से बार-बार ट्रिपिंग होने के कारण जो थोड़ी देर बिजली आती भी है, उसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
अनियमित बिजली आपूर्ति से किसानों की धान की रोपाई का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। खेतों की सिंचाई के लिए समरसेबल पंप नहीं चल पा रहे हैं। कई किसान रातभर जागकर बिजली आने का इंतजार करते हैं, लेकिन पर्याप्त आपूर्ति न होने से खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता। समय पर रोपाई न होने से खेती पिछड़ रही है, जबकि जिन खेतों में रोपाई हो चुकी है, वहां पौधे सूखने लगे हैं।
महिला मजदूरों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। किसान रोपाई के लिए मजदूरों को बुला लेते हैं, लेकिन बिजली न मिलने से खेतों में पानी नहीं भर पाता और काम शुरू नहीं हो पाता। ऐसे में महिला मजदूरों को बिना काम किए वापस लौटना पड़ता है, जिससे उनकी मजदूरी का नुकसान हो रहा है।
बिजली संकट का असर स्थानीय कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। आटा चक्की, स्पेलर, वेल्डिंग, लाइट की दुकानें तथा अन्य छोटे-छोटे प्रतिष्ठानों का काम प्रभावित हो गया है। बिजली के अभाव में मशीनें बंद पड़ी रहती हैं, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
घरों में भी लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं। लंबे समय तक बिजली न रहने से पंखे और कूलर बंद रहते हैं। रात में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए घरों की छतों पर टहलकर या खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं।
किसान पुत्तन सविता ने बताया, “बिजली न मिलने से धान की रोपाई समय पर नहीं हो पा रही है। खेती पिछड़ती जा रही है और फसल को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है।”
किसान राजेश कुमार चौहान ने कहा, “रात-रात भर जागकर समरसेबल चलने का इंतजार करना पड़ता है। इसके बावजूद पर्याप्त बिजली नहीं मिलती, जिससे खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही है और खेती का काम प्रभावित हो रहा है।”
इस संबंध में अवर अभियंता कमल किशोर ने बताया कि अधिक विद्युत भार (ओवरलोड) के कारण मशीनों में बार-बार फॉल्ट आ जाता है, जिससे राधानगर फीडर की विद्युत आपूर्ति बाधित होती है। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार खराबियों को दूर करने में जुटा है और उपभोक्ताओं को पर्याप्त एवं नियमित बिजली उपलब्ध कराने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन कई बार धरना-प्रदर्शन और अधिकारियों को ज्ञापन दे चुकी है, लेकिन अब तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद विद्युत आपूर्ति सुचारु नहीं हो रही, जिससे खेती, व्यापार और आम जनजीवन पर लगातार प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग और प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाकर नियमित एवं पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि किसानों की धान की रोपाई समय पर पूरी हो सके और लोगों को राहत मिल सके।






