नरसिंह मौर्य असोथर फतेहपुर
असोथर थाना क्षेत्र में दूध खरीद-फरोख्त के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला ग्राम जरौली, थाना असोथर का है। वादी दिनेश सिंह पुत्र बद्री सिंह ने तहरीर दी कि उसने अपने पुत्र को नंदनी दूध डेयरी के नाम से चल रहे डेयरी व्यवसाय के तहत 2 मई 2025 से आरोपी मंदीप सिंह उर्फ मोंनू पुत्र अर्जुन सिंह निवासी देवमई, थाना बकेवर, जिला फतेहपुर को अमूल दूध डेयरी बकेवर स्थित का एरिया मैनेजर हूं और मैंने दूध सप्लाई करना शुरू कर दिया था। आरोप है कि आरोपी मंदीप सिंह प्रतिदिन लगभग 300 लीटर दूध लेता था, जो करीब 53 किसानों का दूध होता था।
वादी का कहना है कि आरोपी ने 17 जून 2025 से 31 जुलाई 2025 तक दूध की सप्लाई ली, लेकिन 5,51,540 रुपये का भुगतान नहीं किया। इस दौरान जब पैसे की मांग की गई, तो आरोपी ने अलग-अलग बहाने बनाए और 30 हजार रुपये, 20 हजार रुपये व 50 हजार रुपये जैसे आंशिक भुगतान कर टालमटोल करता रहा। कुल मिलाकर उसने एक लाख रुपये ही दिए, लेकिन शेष रकम नहीं लौटाई।
पीड़ित वादी ने बताया कि आरोपी की इस हरकत से न सिर्फ उसे बल्कि 53 किसानों को भी भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि वे मेहनत से दूध उत्पादन कर हर दिन सप्लाई करते थे, लेकिन उन्हें उनकी मेहनत की कीमत तक नहीं मिली। इस घटना से गांव के किसानों में भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि अगर समय पर रकम नहीं मिली तो उनके परिवार भरण-पोषण और खेती-किसानी पर भी संकट खड़ा हो जाएगा।
वादी का आरोप है कि जब उसने बकाया भुगतान को लेकर दबाव बनाया, तो आरोपी ने 1 अगस्त 2025 को अपने वाहन से दूध ले जाते समय उसे रोक दिया और जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, आरोपी ने डेयरी संचालक अमरूल प्लांट के मैनेजर और वहां के ड्राइवर को फोन करके वादी की सप्लाई बंद करने का दबाव बनाया।
इस मामले में पहले ऑनलाइन शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर वादी ने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर असोथर पुलिस ने मंदीप सिंह उर्फ मोंनू के खिलाफ धारा 173(4) सीआरपीसी सहित धोखाधड़ी व धमकी की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी अभिलाष तिवारी असोथर ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना जरौली चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अंकुश यादव को सौंपी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।






