रिपोर्ट-सावित्री देवी
मेरठ – गणेश बिहार क्षेत्र के भोलारोड स्थित नीलकंठ माता वाली गली में पिछले करीब छह महीनों से सड़क निर्माण और नाली निर्माण का कार्य चल रहा है, लेकिन काम की धीमी रफ्तार और घटिया गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नाली निर्माण में निम्न स्तर की सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिससे नाली बनते ही टूटने लगी है। वहीं पानी निकासी की दिशा भी गलत बनाई गई है—जहां पानी दक्षिण दिशा में बहना चाहिए था, वहां उसे उत्तर दिशा में मोड़ दिया गया है, जिससे जलभराव की समस्या और बढ़ गई है।
नाली को गहरी और चौड़ी बनाने के बजाय केवल खड़ी दो ईंटों के सहारे खड़ा कर दिया गया है। सड़क निर्माण में भी भारी लापरवाही सामने आई है। सड़क के लिए सही तरीके से मिट्टी नहीं डाली गई, बल्कि गंदे नालों और घरों का मलबा भरकर काम पूरा किया जा रहा है। मानक के अनुसार आरसीसी सड़क की मोटाई 8 से 10 इंच होनी चाहिए, लेकिन यहां अनुमानतः बहुत कम मोटाई में निर्माण किया जा रहा है।
इसके अलावा, इलाके में वर्षों से स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं, जिससे रात में पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहता है। इससे दुर्घटनाओं और चोरी की घटनाओं का खतरा बना रहता है।
स्वच्छता व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है। नगर निगम की गाड़ियां कूड़ा उठाने नहीं पहुंचतीं, जिससे घरों के पीछे पानी जमा हो रहा है और कूड़े के ढेर लगे हैं। इस गंदगी के कारण मच्छर और कीट पनप रहे हैं, जिससे टाइफाइड, डेंगू और अन्य संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय निवासी सावित्री बालियान (प्रदेश सचिव, टीम मोदी स्पोर्ट्स) ने प्रशासन, जिम्मेदार अधिकारियों और मीडिया से हाथ जोड़कर निवेदन किया है कि जल्द से जल्द इस समस्या पर ध्यान देकर समाधान कराया जाए।
यदि समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह न केवल लोगों की दैनिक जिंदगी को प्रभावित करेगा बल्कि स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।






