फतेहपुर जिले के औराई गांव की बेटी खुशबू को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में आखिरकार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को बहराइच से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक के कड़े संघर्ष और लगातार दबाव का परिणाम मानी जा रही है।
खुशबू की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया था कि उसे मारपीट और अभद्रता कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे वह यह कठोर कदम उठाने को मजबूर हुई। प्रारंभिक स्तर पर पुलिस की निष्क्रियता से नाराज होकर शुक्रवार को संगठन की अध्यक्ष हेमलता पटेल के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं ने थरियांव थाने का घेराव किया था।
घेराव के दौरान हेमलता पटेल ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन के दबाव के बाद पुलिस हरकत में आई और विशेष टीमों का गठन किया गया। महज 48 घंटों के भीतर पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपियों को बहराइच से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ मारपीट, अभद्रता और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी के बाद अध्यक्ष हेमलता पटेल ने कहा, “यह सिर्फ हमारी जीत नहीं, बल्कि हर उस पीड़ित बेटी की जीत है जो न्याय की उम्मीद में थानों के चक्कर काटती है। पुलिस को चाहिए कि हर पीड़ित की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई हो, ताकि कोई भी खुद को असहाय महसूस न करे।”
वहीं खुशबू के परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए संगठन और उसकी अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि यदि गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक साथ न खड़ा होता, तो शायद यह प्राथमिक न्याय भी नहीं मिल पाता।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।








