
फतेहपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र की चूड़ी वाली गली में बने कथित अवैध कमर्शियल कॉम्प्लेक्स को लेकर सोमवार सुबह से माहौल गरमा गया। मस्जिद के मुतवल्लियों की ओर से कराए गए निर्माण को गिराने की तैयारी की खबर मिलते ही शिकायतकर्ता मो. शरीफ मौके पर पहुंच गए और तीखी नोकझोंक हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोगों के बीच गाली-गलौज भी हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल बताया जा रहा है। घटना के बाद प्रमुख बाजार चूड़ी वाली गली में दहशत और तनाव का माहौल है।
प्रशासन का सख्त रुख
उप जिलाधिकारी/नियत प्राधिकारी, विनियमित क्षेत्र ने मामले में कड़ा कदम उठाते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि निर्माण बिना विधिवत अनुमति और नक्शा पास कराए कराया गया। उत्तर प्रदेश (निर्माण विनियमन) अधिनियम, 1966 की धारा-10 के तहत संबंधित पक्ष को 9 जनवरी 2026 और 23 जनवरी 2026 को सुनवाई का अवसर दिया गया था, लेकिन “कारण बताओ” नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
अब स्पष्ट आदेश है—सात दिन के भीतर अवैध निर्माण स्वयं हटाइए, अन्यथा प्रशासन कार्रवाई करेगा और खर्च संबंधित पक्ष से वसूला जाएगा।
पुलिस का बयान
शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक श्रवण कुमार सिंह ने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को चिन्हित कर लिया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता की ओर से पुलिस पर लगाए जा रहे आरोपों की भी जांच की बात कही गई है।
शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले की शुरुआत भाजपा नेता रमीज खान की लिखित शिकायत से हुई। प्रशासनिक आदेश जारी होने के बाद इसे उनकी पहल का परिणाम माना जा रहा है।
बाजार में हलचल, सात दिन की उलटी गिनती
नोटिस जारी होने के बाद से चूड़ी वाली गली में हलचल तेज है। यदि तय समयसीमा में निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासनिक बुलडोज़र चल सकता है। ऐसे में सबकी नजर अब आने वाले सात दिनों पर टिकी है—क्या निर्माण स्वयं हटेगा या प्रशासन कार्रवाई करेगा?
फिलहाल, “नक्शा पास या बुलडोज़र पास?” का सवाल पूरे इलाके में गूंज रहा है।











