नरसिंह मौर्य | असोथर, फतेहपुर
फतेहपुर जिले के असोथर ब्लॉक मुख्यालय स्थित कस्बे में इन दिनों ओवरलोड ईंट लदे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का संचालन आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी और खतरे का कारण बन गया है। कस्बे की संकरी सड़कों और घनी बस्तियों से होकर रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बांदा जिले की ओर ईंट लेकर गुजर रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार एक-एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में करीब पांच से छह हजार ईंटें लाद दी जाती हैं, जो निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक हैं। ओवरलोड होने के कारण ये वाहन असंतुलित हालत में तेज रफ्तार से दौड़ते हैं। बाजार और रिहायशी इलाकों से गुजरते समय हर पल दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
बोर्ड परीक्षा के दौरान बढ़ी चिंता
इस समय उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। सुबह और दोपहर परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं परीक्षा केंद्रों तक पहुंचते हैं। ऐसे संवेदनशील समय में भारी और ओवरलोड ट्रैक्टरों का कस्बे के भीतर से गुजरना अभिभावकों की चिंता को और बढ़ा रहा है।
स्कूल की छुट्टी के समय कई बार जाम की स्थिति बन जाती है। बच्चों को सड़क किनारे हटकर निकलना पड़ता है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है।
धूल, शोर और जाम से जनजीवन प्रभावित
व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड ट्रैक्टरों से उड़ने वाली धूल, तेज शोर और लगातार लगने वाले जाम से आमजन त्रस्त हैं। कई बार प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हो सकी। लोगों का आरोप है कि अभियान तो चलाए जाते हैं, पर स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
प्रशासन से बाईपास की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बोर्ड परीक्षा अवधि में कस्बे के भीतर से भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल रोक लगाई जाए या उनके लिए वैकल्पिक बाईपास मार्ग तय किया जाए।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल असोथर के लोग हर दिन दहशत के साये में जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं।








