रिपोर्ट नरसिंह मौर्य
फतेहपुर जिले के असोथर कस्बे में सोशल मीडिया पर वायरल हुए मारपीट के वीडियो ने पुलिस को हरकत में ला दिया है। मुराइन मोहल्ला में ट्रक चालकों की तेज रफ्तार और दबंगई के खिलाफ आवाज उठाने वाले ग्रामीण के साथ हुई मारपीट का मामला अब कानूनी कार्रवाई में बदल गया है।
घटना का पूरा विवरण
21 फरवरी 2026 को असोथर के मुराइन मोहल्ला में मोरम खदान के रास्ते से गुजर रहे ट्रकों की तेज गति और बस्ती के अंदर अनियंत्रित आवागमन से परेशान ग्रामीण धर्मराज पासवान (पुत्र रामराज पासवान) ने ट्रक चालकों से वाहन धीरे चलाने की गुजारिश की। इस बात पर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें ट्रक चालक और उनके सहायक द्वारा ग्रामीण पर हमला दिखाया गया था।
शुरुआत में थाने में कोई लिखित शिकायत (तहरीर) नहीं आई थी, लेकिन वायरल वीडियो के आधार पर असोथर थाना पुलिस ने संज्ञान लिया। उपनिरीक्षक अंकुश यादव और चौकी प्रभारी जरौली ने जांच की और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई अमल में लाई।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने ट्रक चालक कुलदीप विश्वकर्मा (24 वर्ष, पुत्र सूरजपाल, निवासी कबीरपुर चितीसापुर, थाना हुसेनगंज, फतेहपुर) और सहायक चालक कुलदीप पटेल (25 वर्ष, पुत्र भोला सिंह पटेल, निवासी हड़िया सलेमाबाद, थाना हुसेनगंज, फतेहपुर) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 170 (सार्वजनिक उपद्रव रोकने की शक्ति), 126 (गलत तरीके से रोकना/अवरोध) तथा 135 (शांति बनाए रखने के लिए बांड) के तहत मामला दर्ज किया गया।
आरोपियों को माननीय उप जिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम) न्यायालय, फतेहपुर में पेश किया गया, जहां से आगे की कार्रवाई हुई।
पुलिस का बयान
थाना प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र ठाकुर ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर त्वरित जांच की गई। साक्ष्यों के आधार पर दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्ती के अंदर तेज रफ्तार या अव्यवस्थित तरीके से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। शांति व्यवस्था से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह घटना स्थानीय स्तर पर ट्रकों की ओवरलोडिंग, तेज रफ्तार और ग्रामीण इलाकों में होने वाली परेशानियों को उजागर करती है। मीडिया और सोशल मीडिया की सक्रियता से पुलिस की त्वरित कार्रवाई संभव हुई, जो आम जनता के लिए न्याय की एक सकारात्मक मिसाल है।








