रिपोर्ट नर्सिंग मौर्य
असोथर (फतेहपुर)। असोथर थाना क्षेत्र के सरकंडी गांव के प्रधान प्रतिनिधि पर कथित जानलेवा हमला और लूट के मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (कोर्ट संख्या-2) ने पुलिस की आख्या को अपर्याप्त मानते हुए थाना असोथर पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू करने का आदेश दिया है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर अनुपालन आख्या न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
सरकंडी गांव निवासी प्रधान प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि 15 दिसंबर 2025 की शाम करीब छह बजे वह कार से राधानगर जा रहे थे। आरोप है कि सरकंडी मार्ग पर सुनील तिवारी, शिवशंकर, कल्लू, आदर्श और इन्द्रेश समेत करीब 15 लोगों ने उनकी गाड़ी घेर ली।
पीड़ित के मुताबिक, प्रधानी चुनाव की रंजिश को लेकर आरोपियों ने गाली-गलौज की और अवैध असलहों के बट से हमला किया। इस दौरान उनके गले से करीब 1 तोला 3 ग्राम सोने की चेन, अंगूठी और 5,380 रुपये नकद लूट लिए गए।
आरोप है कि विरोध करने पर एक आरोपी ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग की, जिसकी गोली उनकी कार में जा लगी। शोर सुनकर ग्रामीण मौके की ओर बढ़े तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप
पीड़ित का कहना है कि घटना की सूचना थाना असोथर और पुलिस अधीक्षक को दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं पुलिस की ओर से न्यायालय में दी गई आख्या में बताया गया कि 17 दिसंबर को एक अन्य मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था और विवेचना के दौरान संतोष द्विवेदी के खिलाफ भी धाराएं बढ़ाई गई थीं।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
न्यायालय ने कहा कि 15 दिसंबर की घटना के संबंध में कोई अभियोग पंजीकृत नहीं है, जबकि उपलब्ध तथ्यों से प्रथम दृष्टया गंभीर संज्ञेय अपराध बनता है। ऐसे में थाना असोथर को तत्काल एफआईआर दर्ज कर विवेचना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस का पक्ष
थाना प्रभारी धीरेन्द्र ठाकुर ने बताया कि न्यायालय का आदेश प्राप्त होने के बाद नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।








