फतेहपुर। सिंचाई खंड फतेहपुर में सरकारी कार्यों में लापरवाही और उदासीनता के लगाए गए आरोपों के मामले में विभाग के एक कर्मचारी ने लिखित पत्र के माध्यम से अपना पक्ष रखते हुए आरोपों को असत्य और निराधार बताया है। कर्मचारी ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग भी की है।
कनिष्ठ सहायक राम प्रकाश द्वारा अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड फतेहपुर को दिए गए पत्र में कहा गया है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने राजकीय दायित्वों का निर्वहन समय से और जिम्मेदारी के साथ करते हैं तथा कार्यालय की निरीक्षण टिप्पणियों को निर्देशानुसार संशोधित कर कार्यालय को भेजा गया था।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई बार संशोधित पत्रों को बार-बार संशोधित करने के निर्देश दिए जाते हैं और दूरभाष पर संपर्क करने पर भी कई बार फोन नहीं उठाया जाता। कर्मचारी का कहना है कि वह एक कनिष्ठ कर्मचारी हैं, जबकि महत्वपूर्ण पटल का कार्य वरिष्ठ कर्मचारियों को दिया जाना चाहिए, इसके बावजूद वह अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं।
राम प्रकाश ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें जानबूझकर प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि में कुछ कर्मचारियों को अधिक और अन्य को कम ग्रेडिंग दिए जाने को लेकर भी असंतोष की स्थिति है, जो कर्मचारियों के साथ भेदभाव को दर्शाता है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि शासन के निर्देशानुसार कार्यालयी कार्य कार्यालय समय के भीतर ही निस्तारित किए जाने चाहिए, जबकि देर रात तक फाइलें निपटाने की स्थिति भी बनाई जाती है।
कर्मचारी ने पूरे मामले में उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। इस पत्र की प्रतिलिपि मुख्य अभियंता सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग कानपुर, अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्य मंडल कानपुर, जिलाधिकारी फतेहपुर समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।







