रिपोर्ट -अनीश रघुवंशी
फतेहपुर। खखरेरू थाना क्षेत्र के मुबारकपुर गेरिया गांव से शादी में शामिल होने के लिए अपनी कार मंझनपुर कराली जा रही महिला को थाने के दरोगा ने रात्रि में 3 घंटे से ज्यादा समय तक उसके दो मासूम बच्चों के साथ रोड के किनारे बैठा कर रखा।
कौशांबी जनपद के रहने वाले दंपति अपने परिवार के साथ मुबारकपुर गेरिया गांव में भाई की शादी समारोह में भाग लेने के लिए पहुंचा था 20 अप्रैल को बारात कौशांबी जनपद के कराली के लिए जा रही थी बारात में दंपति भी अपने परिवार के साथ अपनी कार से जा रहा था तभी खखरेरू थाने में तैनात दरोगा गाड़ी को बार-बार ओवरटेक कर रहा था दंपति ने बताया कि जिसके चलते कार दरोगा के बाइक साइलेंसर में टच हो गई उसके बाद दरोगा का गुस्सा सातवें आसमान में चढ़ गया वह गाड़ी रुकवा कर गाली गलौज व मारपीट करने लगे और दंपति से पैसे की मांग करने लगे पैसा ना देने की स्थिति में गाड़ी सीज करने की धमकी दे डाली महिला व उसके दो मासूम बच्चे जिनमें से एक की उम्र तीन माह और दूसरे बच्चे की उम्र लगभग डेढ़ वर्ष थी जिनको गाड़ी से उतार कर रोड के किनारे बैठा दिया गया और कार्यवाही के नाम पर कार और उनके पारिवारिक जनों को साथ में लेकर घटना स्थल तेंदुआ से लगभग 3 किलोमीटर दूर केशव रायपुर केवटमई गांव के पास दरोगा साहब पैसे की मांग करने लगे वहीं पर पीड़ित परिवार दरोगा जी के हाथ पैर जोड़ता रहा लेकिन दरोगा जी लगातार बड़ी कार्यवाही करने का धौंस दिखाते रहे दंपति के अनुसार दरोगा जी के साथ चार अन्य लड़के थे जो कि पैसा ना देने पर गाली गलौज व पट्टे से मारने की बराबर धमकी दे रहे थे और दरोगा जी खड़े सब कुछ देख रहे थे महिला अपने मासूम बच्चों के साथ शाम 7:00 बजे से रात्रि 11:30 बजे तक रोड के किनारे बैठी रह गई जिनके कंधों में आम जनमानस की सुरक्षा का दायित्व है क्या वह किसी अकेली महिला को रात्रि के समय मासूम बच्चों के साथ अकेला कैसे छोड़ सकता है रात्रि 11:30 के बाद गाड़ी आने के उपरांत महिला अपने परिवार के साथ शादी समारोह में शामिल होने के लिए कराली कौशांबी के लिए रवाना हो गई लेकिन अकेली महिला अपने दो मासूम बच्चों के साथ 3 घंटे रात्रि के समय रोड के किनारे बैठने के दर्द को वह कभी नहीं भूल पाएगी।







