Homeराज्यउत्तर प्रदेशओडीओपी योजना से मिलेगा प्रशिक्षण और टूलकिट, चिकनकारी कारीगरों के लिए सुनहरा...

ओडीओपी योजना से मिलेगा प्रशिक्षण और टूलकिट, चिकनकारी कारीगरों के लिए सुनहरा अवसर, आवेदन शुरू

Published on

उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘एक जनपद, एक उत्पाद (ODOP)’ योजना के तहत लखनऊ जनपद के पारंपरिक हस्तशिल्प उद्योग से जुड़े कारीगरों और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर सामने आया है। जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र, लखनऊ ने चिकनकारी एवं ज़री-जरदोज़ी ट्रेड से जुड़े कारीगरों तथा इच्छुक युवक-युवतियों से 31 जुलाई 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे अपने हुनर को और अधिक निखार सकें तथा स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर प्राप्त कर सकें।

इस संबंध में जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, लखनऊ के उपायुक्त उद्योग अभिजीत गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल पारंपरिक उत्पादों का संरक्षण करना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित कार्यबल और बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना भी है। इसी सोच के तहत ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना संचालित की जा रही है।

कारीगरों को मिलेगा आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण

उपायुक्त उद्योग ने बताया कि योजना के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों को केवल सामान्य प्रशिक्षण ही नहीं बल्कि बेसिक और एडवांस स्तर का तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा आधुनिक डिजाइन, गुणवत्ता सुधार, उत्पादन तकनीक, फिनिशिंग, उत्पाद की पैकेजिंग तथा बाजार की वर्तमान मांग के अनुरूप कार्य करने की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ हस्तशिल्प क्षेत्र में भी नई तकनीकों और आधुनिक उपकरणों का उपयोग आवश्यक हो गया है। ऐसे में प्रशिक्षण के माध्यम से कारीगरों को नई तकनीकों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

टूलकिट से बढ़ेगी उत्पादन क्षमता

इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले पात्र कारीगरों और श्रमिकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उन्नत टूलकिट भी उपलब्ध कराई जाएगी। आधुनिक उपकरण मिलने से न केवल कार्य की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी। जानकारों का मानना है कि कई प्रतिभाशाली कारीगर केवल संसाधनों के अभाव में अपने हुनर का पूरा उपयोग नहीं कर पाते। ऐसे में सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली टूलकिट उनके लिए आर्थिक रूप से भी बड़ी राहत साबित होगी।

आधुनिक टूलकिट और रोजगार से जुड़ने का अवसर

लखनऊ की पहचान है चिकनकारी और ज़री-जरदोज़ी

लखनऊ का नाम विश्व भर में अपनी पारंपरिक चिकनकारी और ज़री-जरदोज़ी कला के लिए जाना जाता है। सदियों पुरानी यह कला न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान है, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का प्रमुख माध्यम भी है। चिकनकारी के नाजुक हस्तशिल्प और ज़री-जरदोज़ी की बारीक कढ़ाई की देश-विदेश में बड़ी मांग है। सरकार का उद्देश्य इस पारंपरिक कला से जुड़े कारीगरों को आधुनिक प्रशिक्षण देकर उनके उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार तक पहुंच को और मजबूत बनाना है।

युवाओं के लिए भी खुलेंगे रोजगार के नए अवसर

योजना केवल पारंपरिक कारीगरों तक सीमित नहीं है। ऐसे युवक और युवतियां जो इस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें इस कला की बारीकियां सिखाई जाएंगी, जिससे वे स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें या उद्योगों एवं निर्यात इकाइयों में रोजगार प्राप्त कर सकें। सरकार का मानना है कि यदि नई पीढ़ी पारंपरिक हस्तशिल्प से जुड़ेगी, तो न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर भी सुरक्षित रहेगी।

ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

उपायुक्त उद्योग अभिजीत गौतम ने बताया कि योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किए जा सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.msme.up.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। उन्होंने सभी पात्र कारीगरों और इच्छुक युवाओं से समय रहते आवेदन करने की अपील की है ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।

उद्यम सारथी ऐप से भी मिलेगी पूरी जानकारी

योजना की जानकारी को और अधिक सरल बनाने के लिए ओडीओपी के अंतर्गत विकसित ‘उद्यम सारथी’ मोबाइल ऐप भी उपलब्ध कराया गया है। इस ऐप के माध्यम से अभ्यर्थी योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा आवेदन से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता के लिए अभ्यर्थी कार्य दिवसों में जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र, 8 कैंट रोड, कैसरबाग, लखनऊ स्थित कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं।

हस्तशिल्प उद्योग को मिलेगा नया संबल

विशेषज्ञों का मानना है कि ओडीओपी योजना ने उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, विपणन सहायता और वित्तीय योजनाओं के माध्यम से हजारों कारीगरों को लाभ मिला है। चिकनकारी और ज़री-ज़रदोज़ी जैसे उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले से ही अपनी अलग पहचान रखते हैं। यदि कारीगरों को आधुनिक प्रशिक्षण और संसाधन मिलते हैं तो उनके उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

31 जुलाई तक करें आवेदन

जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र ने सभी पात्र कारीगरों, शिल्पकारों तथा इच्छुक युवक-युवतियों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन करें। प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट और रोजगारोन्मुख कौशल विकास का यह अवसर उनके भविष्य को नई दिशा दे सकता है। सरकार की इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि लखनऊ की विश्व प्रसिद्ध चिकनकारी और ज़री-ज़रदोज़ी कला को नई ऊर्जा मिलेगी, अधिक से अधिक युवा इस क्षेत्र से जुड़ेंगे और प्रदेश के पारंपरिक हस्तशिल्प उद्योग को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी।

👁 6.5K views
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Latest articles

18 घंटे में सिर्फ तीन-चार घंटे बिजली, धान की रोपाई पर संकट; किसान, मजदूर और व्यापारी बेहाल

फतेहपुर-असोथर में भीषण बिजली संकट से किसानों, व्यापारियों और आम लोगों का जनजीवन पूरी...

जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण पर बवाल, AIMIM का प्रदर्शन; राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

फतेहपुर में जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। AIMIM...

सराय खालिश सीएचसी में नवजात की मौत, रिश्वत का आरोप, जांच शुरू,CMO बोले होगी बड़ी कार्यवाई

फतेहपुर अशोथर।  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सराय खालिश में प्रसव के बाद नवजात की...

बंदूक के दम पर जमीन पर कब्जे का आरोप, वृद्धा ने डीएम से लगाई गुहार

फतेहपुर-अशोथर थाना क्षेत्र के बदलेवा डेरा मजरा सरकंडी निवासी एक वृद्ध विधवा महिला ने...

More like this

18 घंटे में सिर्फ तीन-चार घंटे बिजली, धान की रोपाई पर संकट; किसान, मजदूर और व्यापारी बेहाल

फतेहपुर-असोथर में भीषण बिजली संकट से किसानों, व्यापारियों और आम लोगों का जनजीवन पूरी...

जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण पर बवाल, AIMIM का प्रदर्शन; राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

फतेहपुर में जौहर विश्वविद्यालय ध्वस्तीकरण मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। AIMIM...

सराय खालिश सीएचसी में नवजात की मौत, रिश्वत का आरोप, जांच शुरू,CMO बोले होगी बड़ी कार्यवाई

फतेहपुर अशोथर।  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सराय खालिश में प्रसव के बाद नवजात की...