प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में 25 वर्ष पूरे होने पर अखिल भारतीय मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने PM मोदी की नीतियों और सरकारी योजनाओं की जमकर तारीफ की है। इस दौरान मौलाना शहाबुद्दीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं पर भी अपनी राय रखी है।
‘मुसलमानों के साथ भेदभाव का आरोप गलत‘
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने उन लोगों को भी जवाब दिया है जो यह आरोप लगाते हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ मुसलमानों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने इन दावों को पूरी तरह से गलत और जमीनी हकीकत के बिल्कुल विपरीत बताया है। मौलाना रजवी ने कहा कि, “चाहे आयुष्मान कार्ड हो, प्रधानमंत्री आवास योजना हो या फिर उज्ज्वला योजना हर योजना का फायदा गरीब मुसलमानों तक भी पहुंच रहा है। जहां भी आवास योजना के तहत घर बने हैं वहां मुस्लिम समुदाय के लोगों को भी बराबर का लाभ मिला है।”
गरीब किसान का रखा जाता है ध्यान
किसानों का उदाहरण देते हुए मौलाना रजवी ने कहा कि, “जब किसानों को सरकारी योजनाओं के जरिए आर्थिक सहायता दी जाती है तो वहां भी किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं किया जाता। ऐसी योजनाओं में सिर्फ गरीब किसान का ध्यान रखा जाता है यह नहीं देखा जाता कि वह हिंदू है या मुसलमान।”
सरकार का दायित्व नागरिकों की मदद करना
अपनी बात खत्म करते हुए मौलाना रजवी ने कहा कि देश के नागरिकों की सुरक्षा करना और उनकी आर्थिक परेशानियों को दूर करना सरकार की जिम्मेदारी होती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहे हैं। उनके मुताबिक, सरकारी योजनाओं के जरिए गरीब और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही सरकार को लोगों की आर्थिक परेशानियों को दूर करने के लिए भी काम करना चाहिए।
25 वर्षों का कार्यकाल पूरा होने के पर क्या बोले पीएम
प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 25 वर्षों का ऐतिहासिक कार्यकाल पूरा होने के मौके पर पीएम मोदी ने देश के नाम एक बेहद भावुक और ऊर्जा से भरा संदेश दिया। राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि यह अवसर केवल अतीत की यादों को सहेजने का नहीं, बल्कि भविष्य के लक्ष्यों के प्रति खुद को समर्पित करने का है। 2047 तक ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने के अपने संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा, ‘हम करके रहेंगे, हम करके रहेंगे।’





