फतेहपुर। पूर्व सैनिक उत्थान एवं लोक कल्याण समिति की मासिक बैठक आज मास्टर वारंट ऑफिसर आर.के. विश्वकर्मा की अध्यक्षता में ईएस कोचिंग सेंटर में संपन्न हुई। बैठक में मुख्य रूप से ईसीएचएस पाली क्लीनिक भवन फतेहपुर की भूमि को लेकर चल रहे विवाद पर चर्चा की गई।
बैठक में अध्यक्ष विद्याभूषण तिवारी ने बताया कि सेना की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि जिस भूमि पर सैनिक अस्पताल का निर्माण होना था, वहां अस्पताल नहीं बनाया गया। उनके अनुसार अस्पताल का निर्माण कचरा फेंकने वाली दूसरी जगह पर किया गया है, जो पूरी तरह गलत है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में जिलाधिकारी फतेहपुर के न्यायालय से भी संगठन मुकदमा जीत चुका है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि सैनिक अस्पताल की वास्तविक भूमि वही है, जो मिलिट्री लैंड रिकॉर्ड में दर्ज है और वर्तमान अस्पताल का निर्माण गलत स्थान पर हुआ है। उन्होंने फतेहपुर प्रशासन के रवैये को सहयोगात्मक और न्यायप्रिय बताया।
बैठक में आरोप लगाया गया कि कुछ सेना अधिकारियों की मिलीभगत से यह पूरा मामला हुआ। वहीं नगर पालिका द्वारा जिलाधिकारी न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध कमिश्नर न्यायालय, प्रयागराज में निगरानी याचिका दाखिल किए जाने पर भी संगठन ने मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया।
पूर्व सैनिकों ने एकमत होकर कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। जरूरत पड़ने पर भूख हड़ताल और आमरण अनशन जैसे आंदोलन भी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह अधिकार केवल पूर्व सैनिकों का ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों और माता-पिता का भी है, जिसे किसी भी कीमत पर छीनने नहीं दिया जाएगा।
महिला अध्यक्ष जागृति तिवारी ने बताया कि 3 नवंबर 2026 को सेना के अधिकारियों ने एक प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया है। बैठक में अध्यक्ष विद्याभूषण तिवारी अपने सभी कानूनी दस्तावेजों के साथ पक्ष रखेंगे। वार्ता के बाद जो भी निर्णय होगा, उसकी जानकारी 4 नवंबर को पूर्व सैनिकों को दी जाएगी।
बैठक में भानु प्रताप सिंह, राजेश शुक्ला, राजकुमार तिवारी, बालकृष्ण अवस्थी, प्रेम सागर शुक्ला, सार्जेंट अनुज शर्मा, कमल पाल, देवेंद्र कुमार शुक्ला, रामराज अवस्थी, धर्मेंद्र पटेल, राधेश्याम गुप्ता, मेड़ी लाल सहित कई पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।






