आदर्श तिवारी
फतेहपुर।“सिर्फ कुछ माह पहले बनी सड़क पर दरारें… यह न सिर्फ निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाती हैं, बल्कि सिस्टम की नीयत पर भी। जनता पूछ रही है—अगर आज ही दरारें दिखने लगीं तो आने वाले सालों में क्या होगा?”हथगाम से सलेमपुर तक की 9.4 किलोमीटर लंबी सड़क, जिस पर हाल ही में करोड़ों रुपये खर्च कर प्रधान मंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत नया निर्माण हुआ था लेकिन अब इस सड़क पर दरारें पड़नी लगी जो कि विकास की पोल खोलती हुई नजर आ रही है। आस पास के ग्रामीण व राहगीरों ने बताया यह मार्ग हथगाम अंबापुर का हिस्सा है जिसका अभी आधा हिस्सा बनना बाकी जो इस लिए अभी इस मार्ग पर सिर्फ हल्के वाहन ही गुजरते है भारी वाहनों के गुजरने के बाद आशंका है कही मार्ग गड्ढों में न तब्दील हो जाए ।अब चिंता का विषय बन गई है। बरसात की मार झेलते ही सड़क पर दरारें उभर आई हैं। हालाँकि अभी हालात इतने गंभीर नहीं हैं कि गड्ढे बन जाएँ, लेकिन शुरुआती स्तर पर आई ये दरारें भ्रष्टाचार और लापरवाही की आहट देती हैं।
पब्लिक की पुकार-सुनिए साहब
क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि
“नई सड़क को देखकर हम सबको खुशी हुई थी, लगा था कि अब यात्रा आसान होगी। लेकिन दरारें देखकर लगता है कि मेहनत और पैसा दोनों व्यर्थ गए।”
वही क्षेत्रीय लोगों का यह भी कहना है कि इसी सड़क के निर्माण दौरान लोगों ने घटिया निर्माण का हवाला देते हुए काम रोक दिया गया था लेकिन न तो काम अच्छा हुआ न जांच हुई
कॉलेज के छात्रों ने कहा—
“यह दरारें छोटी हैं, लेकिन भरोसा तोड़ने के लिए काफी हैं। अगर काम सही होता तो सड़क इतनी जल्दी कमजोर नहीं पड़ती।”
जांच की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया। उन्होंने शासन-प्रशासन से मामले की जांच कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।







