Bank Employees Strike Update: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के करोड़ों ग्राहकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बैंक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 25 और 26 मई को देशव्यापी हड़ताल का एलान किया है। इसके चलते देशभर में एसबीआई की शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
इस बीच बैंकिंग सेवाओं में संभावित बाधा को देखते हुए ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे चेक क्लियरेंस, लोन, केवाईसी (KYC), नकद लेन-देन और अन्य जरूरी बैंकिंग कार्य जल्द से जल्द निपटा लें। हालांकि राहत की बात यह है कि बैंक की डिजिटल सेवाएं- नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, YONO ऐप, UPI और ATM सेवाएं – सामान्य रूप से चालू रहेंगी।
कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन के आह्वान पर शुक्रवार को लखनऊ में एसबीआई कर्मचारियों ने मुख्य शाखा के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व मंडल अध्यक्ष अजय पांडे और महामंत्री डॉ. डीके सिंह ने किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
“सरकार हमें हड़ताल की ओर धकेल रही”- डीके सिंह
महामंत्री डॉ. डीके सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करने में गंभीरता नहीं दिखा रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं कर रही है और हमें मजबूर होकर हड़ताल की राह अपनानी पड़ रही है।
क्या है कर्मचारियों की मुख्य मांगें
- संदेश वाहकों और सशस्त्र गार्ड्स की भर्ती
- NPS कर्मचारियों को पेंशन फंड मैनेजर बदलने का विकल्प
- 2019 के बाद नियुक्त कर्मचारियों का अंतर-मंडलीय स्थानांतरण
- स्थायी कार्यों में आउटसोर्सिंग बंद करना
- पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की भर्ती
- कैरियर प्रगति योजना की समीक्षा
- चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना में सुधार
- कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार को कम करना
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से ये मांगें लंबित हैं लेकिन अब तक समाधान नहीं निकला है।
वार्ता विफल, बढ़ा टकराव
डॉ. डीके सिंह ने बताया कि 12 मई को डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर (CLC), बैंक प्रबंधन और फेडरेशन पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई थी, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। वार्ता विफल होने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया।
बैंक ग्राहकों पर क्या होगा असर
यदि हड़ताल होती है तो बैंक की ऑफ लाइन सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता है।
- चेक क्लियरेंस
- नकद जमा और निकासी
- पासबुक अपडेट
- लोन प्रोसेसिंग
- KYC अपडेट
- डिमांड ड्राफ्ट
- शाखा आधारित सेवाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार छुट्टियों और हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में कामकाज कई दिनों तक प्रभावित रह सकता है।
डिजिटल सेवाएं रहेंगी चालू
SBI ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से कार्य करती रहेंगी।
- उपलब्ध डिजिटल सेवाएं
YONO ऐप
नेट बैंकिंग
मोबाइल बैंकिंग
UPI ट्रांजैक्शन
ATM सेवा
ऑनलाइन फंड ट्रांसफर - ग्राहक इन माध्यमों से पैसों का लेन-देन और अन्य सामान्य बैंकिंग कार्य कर सकेंगे।
ग्राहकों को दी गई सलाह
बैंकिंग विशेषज्ञों ने ग्राहकों को समय रहते जरूरी कार्य निपटाने की सलाह दी है।
- जरूरी चेक समय से जमा करें
- KYC प्रक्रिया जल्द पूरी करें
- लोन संबंधित दस्तावेज पहले जमा करें
- आवश्यक नकदी पहले निकाल लें
- डिजिटल बैंकिंग सक्रिय रखें
बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल
प्रदर्शन में बैंक कर्मचारियों और संगठन के कई पदाधिकारी शामिल हुए।
- अवधेश सिंह
- आर.पी. सिंह
- आशुतोष वर्मा
- बृजेश कुमार तिवारी
- शिव कुमार
- तारकेश्वर
- आकाश शर्मा
- अंकुर अग्रवाल
- राकेश कुमार
- दीपेंद्र कुमार
- सतीश शुक्ल
आदि नेताओं ने कर्मचारियों को संबोधित किया।
सोशल मीडिया पर भी अभियान
मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि कर्मचारियों ने 14 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर देशव्यापी अभियान चलाया। इसके अलावा 16 मई को सभी पदाधिकारी विरोध स्वरूप काले कपड़े पहनकर कार्य करेंगे।
बैंकिंग व्यवस्था पर असर की आशंका
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो इसका असर बैंकिंग व्यवस्था और आम ग्राहकों पर व्यापक रूप से दिखाई दे सकता है।
- व्यापारिक लेन-देन
छोटे कारोबार
ग्रामीण बैंकिंग सेवाएं
सरकारी भुगतान प्रक्रियाएं - प्रभावित हो सकती हैं।
कर्मचारियों में बढ़ती नाराजगी
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि स्टाफ की कमी के कारण उन पर लगातार कार्यभार बढ़ रहा है। कई शाखाओं में पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं, जिससे काम का दबाव और मानसिक तनाव बढ़ रहा है।






