फतेहपुर (डिजिटल डेस्क):
फतेहपुर जिले में उस समय सनसनी फैल गई जब जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक विनोद श्रीवास्तव ने कथित तौर पर नींद और बीपी की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
बताया जा रहा है कि दफ्तर में ही दवाओं का ओवरडोज लेने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और एडीएम व डीआईओएस सहित कई अधिकारी अस्पताल पहुंचकर हालात का जायजा लिया। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र का है।
इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब विनोद श्रीवास्तव द्वारा लिखा गया 6 पेज का सुसाइड नोट सामने आया। सुसाइड नोट में उन्होंने विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सबसे बड़ा आरोप भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल पर लगाया गया है। सुसाइड नोट के अनुसार, विनोद श्रीवास्तव की पत्नी पूनम श्रीवास्तव को राज्य महिला आयोग या अन्य पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। बताया गया कि यह रकम पांच किस्तों में दी गई थी, जिस पर ब्याज का दबाव भी बढ़ता जा रहा था।
नोट में यह भी उल्लेख है कि पद न मिलने पर जब पैसे वापस मांगे गए तो रकम नहीं लौटाई गई। इसी के चलते सूदखोरों का दबाव और लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
इधर, आरोपों के बाद भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल अस्पताल पहुंचे और पीड़ित की पत्नी से मुलाकात की। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्हें साजिश के तहत बदनाम किया जा रहा है। साथ ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर भी अपनी सफाई दी और कहा कि वह विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं, इसलिए राजनीतिक साजिश रची जा रही है।
इसके अलावा, विनोद श्रीवास्तव ने अपने बेटे की संविदा नौकरी से निकाले जाने को भी विभागीय उत्पीड़न से जोड़ा है।
फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू पर गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






