फतेहपुर (डिजिटल डेस्क)
सोमवार को फतेहपुर जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक विनोद श्रीवास्तव द्वारा कथित तौर पर नींद और बीपी की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास करने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
बताया जा रहा है कि दफ्तर में ही दवाओं का ओवरडोज लेने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया और एडीएम व डीआईओएस सहित अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचकर हालात का जायजा लिया। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र का बताया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने तब और तूल पकड़ लिया जब विनोद श्रीवास्तव द्वारा गोलियां खाने से पहले लिखा गया 6 पेज का सुसाइड नोट सामने आया। इस नोट में उन्होंने विभाग के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सबसे बड़ा आरोप एक भाजपा के पूर्व अध्यक्ष पर लगाया गया है। सुसाइड नोट के अनुसार, उक्त नेता पर विनोद श्रीवास्तव की पत्नी पूनम श्रीवास्तव को राज्य महिला आयोग या किसी अन्य पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये लेने का आरोप है। यह रकम पांच किस्तों में दी गई थी, जिस पर ब्याज भी उसे देना पड़ रहा है।
नोट में यह भी उल्लेख है कि जब पद नहीं मिला तो उन्होंने भाजपा नेता से अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन रुपये नहीं लौटाए गए। इसी बीच सूदखोरों के दबाव और लगातार हो रही मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
इसके अलावा, विनोद श्रीवास्तव ने अपने बेटे की संविदा नौकरी से निकाले जाने का भी जिक्र करते हुए विभागीय उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
फिलहाल यह सुसाइड नोट पुलिस के कब्जे में है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद जहां भाजपा नेता सवालों के घेरे में हैं, वहीं शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और सुसाइड नोट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






