रिपोर्ट-आदर्श तिवारी
फतेहपुर-मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ऋण दिए जाने की प्रक्रिया में फतेहपुर जिले में भारी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। योजना का उद्देश्य है कि जिले के युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा किया जाए।लेकिन हकीकत यह है कि बैंक स्तर पर भारी भ्रष्टाचार और मनमानी के कारण इस योजना की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।जिला उद्योग कार्यालय से स्वीकृत होकर जो फाइलें बैंक स्तर पर भेजी जाती हैं। उन्हें बैंक कर्मचारी विभिन्न बहानों से निरस्त कर देते हैं। कभी दस्तावेजों की कमी बताई जाती है, तो कभी फॉर्मेट गलत बताया जाता है। सूत्रों का कहना है कि बैंक में काम तभी होता है जब लेनदेन होता है। जिन आवेदकों से कोई व्यक्तिगत लाभ नहीं मिलता, उन्हें टालने के लिए नियम-कानून का हवाला देकर महीनों तक दौड़ाया जाता है।
ऐसे में दीपक जैसे सैकड़ों आवेदक हैं जो महीनों से चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने समय से आवेदन किया, सभी दस्तावेज जमा किए।लेकिन फाइल हर बार किसी न किसी कारण से वापस कर दी जाती है। दीपक कहते हैं, “हमने एक सपना देखा था कि अपना व्यवसाय शुरू करेंगे, लेकिन हर बार फाइल लौटाकर हिम्मत तोड़ी जा रही है।यह केवल दीपक की नहीं, फतेहपुर जिले के सैकड़ों युवाओं की कहानी है, जो भ्रष्ट व्यवस्था की बलि चढ़ रहे हैं। शासन को चाहिए कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कराए और जिन अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही या संलिप्तता सामने आए, उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। ज्ञापन देते समय संजय दत्त द्विवेदी संगठन प्रमुख, विकास श्रीवास्तव, संदीप कुमार , संदीप सिंह दिलीप कुमार लोग मौजूद रहे !






