उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर जारी सियासी बयानबाजी के बीच भाजपा नेता अशोक बाजपेयी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार सभी चुनाव समय पर कराने के पक्ष में है। पंचायत चुनाव में देरी को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव टालने का फैसला सरकार का नहीं है। उनके मुताबिक, मतदाता सूची में संशोधन और नई सूची तैयार करने में समय लग रहा था। इसके अलावा, पंचायतों में विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण निर्धारित करने की प्रक्रिया भी पूरी की जानी थी।
पंचायत चुनाव समय पर कराने के पक्ष में है भाजपा: अशोक बाजपेयी
भाजपा नेता अशोक बाजपेयी ने कहा कि पार्टी की सरकार चाहती है कि सभी चुनाव निर्धारित समय पर कराए जाएं। उन्होंने पंचायत चुनाव में देरी को लेकर सरकार की भूमिका पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि चुनाव टालने का फैसला सरकार की ओर से नहीं लिया गया। उनके बयान के मुताबिक, पंचायत चुनाव की तैयारियों में आ रही प्रक्रियागत चुनौतियों के कारण समय लग रहा था। उन्होंने मतदाता सूची तैयार करने और आरक्षण निर्धारित करने की प्रक्रिया को इसका प्रमुख कारण बताया
पंचायतों में आरक्षण तय करने की प्रक्रिया का भी किया जिक्र
भाजपा नेता ने पंचायत चुनाव की तैयारियों के दौरान आरक्षण निर्धारण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग पंचायतों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के साथ महिलाओं के लिए आरक्षण तय किया जाना था।
सपा नेता फखरुल हसन चांद ने दिया पंचायत चुनाव को लेकर बयान
बता दें कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्टके आदेश के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। अदालत ने 3 महीने के भीतर ग्राम पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया है। इस फैसले के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा है। सपा नेता फखरुल हसन चांद ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर पंचायत चुनाव टालने की कोशिश कर रही थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा नेता फखरुल हसन चांद ने BJP पर पंचायत चुनाव नहीं कराने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा महीनों से लगातार प्रयास कर रही थी कि किसी तरह उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव ना हों।





