उत्तर प्रदेश के इटावा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने आज के सामाजिक माहौल में उम्मीद की एक नई किरण जगाई है। परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर निकली भव्य शोभा यात्रा के दौरान मुस्लिम समाज द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया, जिसने हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर दी।
भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर शहर में विशाल शोभा यात्रा निकाली गई। इस दौरान हजारों की संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग हाथों में झंडे और फरसा लिए शामिल हुए। पूरे शहर में जयघोष गूंजते रहे और माहौल पूरी तरह धार्मिक उत्साह से भरा रहा।
इस भव्य यात्रा का सबसे खास दृश्य अकालगंज तिराहा पर देखने को मिला, जहां मुस्लिम समाज के लोगों ने आगे बढ़कर शोभा यात्रा का स्वागत किया। समाजवादी पार्टी के पूर्व नगर अध्यक्ष वसीम चौधरी के नेतृत्व में हुए इस स्वागत कार्यक्रम ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। लोगों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया और आपसी सौहार्द का संदेश दिया गया।
ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण दुबे ने कहा कि यह पहल समाज में बढ़ती दूरियों को खत्म करने में मदद करेगी और हिन्दू-मुस्लिम एकता को मजबूत बनाएगी।
वहीं वसीम चौधरी ने कहा कि उनका उद्देश्य भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब को आगे बढ़ाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आज के समय में सभी समुदायों को एक साथ खड़े होने की जरूरत है।
पूरे आयोजन के दौरान सौहार्द और भाईचारे का माहौल देखने को मिला, जहां दोनों समुदायों ने मिलकर यह मजबूत संदेश दिया कि एकता ही सबसे बड़ी ताकत है।






