फतेहपुर अशोथर देर रात करीब 10 बजे के बाद सुजानपुर रजबहा के पास ई-रिक्शा पलटने से 52 वर्षीय छत्रपाल निषाद की मौत हो गई। हादसे में सिर में गंभीर चोट लगने पर परिजन उन्हें गाजीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल फतेहपुर रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नगर पंचायत असोथर के वार्ड नंबर छह बाबातारा निवासी छत्रपाल निषाद (52) पुत्र स्व. मोतीलाल बुधवार देर रात लक्ष्मणपुर सरकंडी स्थित यमुना नदी किनारे खेतों से परवल लेकर ई-रिक्शा से खागा मंडी जा रहे थे। उनके साथ उनके साले दिलीप निषाद निवासी ढरहरी और भतीजा मनोज निषाद भी थे। बताया गया कि नगर पंचायत असोथर स्थित सुजानपुर रजबहा के पास कल्लू तिवारी की बिल्डिंग दुकान के समीप ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में छत्रपाल के सिर में गंभीर चोट आई।
सूचना पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। परिजन घायल छत्रपाल को एंबुलेंस से गाजीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल सदर रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
छह भाइयों में सबसे बड़े थे छत्रपाल
छत्रपाल निषाद छह भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके बाद क्रमशः जयपाल, पुतानी, ननकू, दुर्गा और शंकर हैं। बड़े भाई होने के कारण परिवार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। उनकी अचानक मौत से भाइयों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
फोटो हाथ में लेकर बिलखती रही 85 वर्षीय मां
छत्रपाल की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। 85 वर्षीय मां सुखरनिया बेटे की फोटो हाथ में लेकर फूट-फूटकर रोती रहीं। वह बार-बार बेटे की तस्वीर को निहारते हुए कहती रहीं, “मुझे छोड़कर क्यों चला गया…” मां के करुण विलाप से वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
छत्रपाल अपने पीछे मां सुखरनिया, पत्नी रामकली (50), इकलौते बेटे राम खेलावन (35), बहू ममता देवी (32), नाती सिद्धू (10) और नातिन संध्या देवी (5) को छोड़ गए हैं।
मछली पकड़ने, खेती और मजदूरी से चलता था परिवार
परिजनों के अनुसार छत्रपाल नदी और तालाबों में मछली पकड़कर उसकी बिक्री करने के साथ खेती-किसानी और मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार की आजीविका मुख्य रूप से इन्हीं कामों पर निर्भर थी।
उनका इकलौता बेटा राम खेलावन महाराष्ट्र के नासिक में मजदूरी करता है। पिता की मौत की सूचना मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गया। राम खेलावन ने बताया कि वह गुरुवार देर रात तक प्रयागराज स्टेशन पहुंच जाएगा। परिजनों के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे यमुना नदी किनारे स्थित शमशान घाट पर छत्रपाल का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और मां समेत पत्नी व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।







