फतेहपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर होती जा रही है जिला मुख्यालय में जहां अवैध तरीके के नर्सिंग होम संचालित है वहीं ग्रामीण इलाकों में भी ऐसे ऐसे डॉक्टर अपनी दुकानों को चलाने में लगे हैं जिनके पास ना तो डिग्रियां हैं और ना ही किसी प्रकार का कोई अनुभव है बल्कि इन लोगों ने अपने मेडिकल स्टोर से ही तमाम तरीके के ऑपरेशन एवं दवाइयां को देने का काम शुरू कर रखा है जिले के जोनिहा एवं हुसेनगंज कस्बे में बंगाली नाम से चर्चित यह डॉक्टर बड़े ही बेखोफ अंदाज में ऑपरेशन करते है। यदि ऑपरेशन के केस बिगड़ गया तो अपने परिचित के जिला मुख्यालय के निजी अस्पताल में भेज देते है वहाँ से भी इनको कमीशन मिलता रहता है। पंजीयन के नाम पर कोई भी ऐसा दस्तावेज भी मौजूद नही है जिससे कि यह मानक कर पूरा करते हो। सबसे खास बात तो यह है कि CMO ऑफिस में कई बार इनकी शिकायत भी हुई लेकिन सेटिंग के आगे विभाग भी बौना साबित हो जाता है। जोनिहा व हुसेनगंज क्षेत्रों बंगाली के नाम से चर्चित यह डॉक्टर जनरल तौर पर लोगो को बताते है कि वह कमरा नम्बर 37 के आदेश पर चल रहे है। अब ग्रामीणों ने इनके खिलाफ प्रदेश के डिप्टी CM से शिकायत कर कार्यवाई की मांग शुरू की है।
जोनिहा व हुसैनगंज के बंगाली डॉक्टर बोल रहे हमारा पंजीयन कमरा नम्वर 37 में है।मेडिकल स्टोर की आड़ में कर रहे बड़े ऑपरेशन,मरीज को भर्ती की भी व्यवस्था शहर के निजी अस्पतालों से DC सेटिंग डिग्री का पता नही। गर्भपात जैसे के कार्य की भी चर्चा, अब DCM से ग्रामीण करेगे शिकायत।






