फतेहपुर- शैलेन्द्र साहित्य सरोवर की 419 वीं साप्ताहिक रविवासरीय काव्य गोष्ठी शहर के मुराइन टोला स्थित हनुमान मंदिर में शैलेन्द्र साहित्य सरोवर के बैनर तले 419 वीं साप्ताहिक रविवासरीय सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन के पी सिंह कछवाह की अध्यक्षता एवं शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी के संचालन में हुआ । मुख्य अतिथि के रूप में मंदिर के पुजारी विजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे ।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए के पी सिंह कछवाह ने वाणी वंदना मे अपने भाव प्रसून प्रस्तुत करते हुए कहा- करें कृपा मां शारदे ,करके अभय प्रदान ।
छाया जग मे ट्रंप का, दूर करें अभिमान ।।
पुनः कार्यक्रम को गति देते हुए काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार से अपने अंतर्भावों को प्रस्तुत किया- नमन विवेकानंद को, आज कर रहा देश ।
अमिट शांति का जो दिया, जगती को संदेश ।।
डा. सत्य नारायण मिश्र ने अपने भावों को एक छंद के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किया- भक्ती से भगवान लखि, खोलो हृदय- कपाट ।
श्रद्धा- संबल साथ ले, दर्शन करो विराट ।।
रवींद्र कुमार तिवारी ने अपने भावों को मुक्तक में कुछ इस प्रकार पिरोया- जय पाई श्रीराम ने ,धर्म- शील रख साथ।
लंकापति ने अहम में, कटा दिए दश माथ ।।
प्रदीप कुमार गौड़ ने अपने क्रम में काव्य पाठ में कुछ इस प्रकार भाव प्रस्तुत किये – दान – पुण्य औ सूर्य का पूजन, खिचड़ी पौराणिक त्योहार ।
परिजन- पुरजन खाएं खिचड़ी, संग घी, पापड़, दही अचार ।।
राम अवतार गुप्ता ने काव्य पाठ में अपने भावों को कुछ इस प्रकार शब्द दिए – आज विवेकानंद जयंती, खुशियां सभी मनाएं ।
उनके आदर्शों पर चलकर, जीवन सफल बनाएं ।।
काव्य गोष्ठी के आयोजक एवं संचालक शैलेन्द्र कुमार द्विवेदी ने अपने भाव एक ग़ज़ल के माध्यम से कुछ इस प्रकार व्यक्त किये – यूं की है उसने मुझसे मुहब्बत संभाल के।
नेजे मे रख दिया है मेरा दिल उछाल के ।।
जब तक रहूंगा उसकी ही चौखट पे रहूंगा ,
ले जाइए मुझे न यहां से निकाल के ।।
आगे पुनः पढ़ा- जिएं स्वदेश के लिए , मरें स्वदेश के लिए ।
किसी विपत्ति से न हम डरें स्वदेश के लिए ।।
समस्त विघ्न -व्याधियां हरें स्वमातृभूमि की,
सुदिव्य- भव्य सर्जना करें स्वदेश के लिए ।।
कार्यक्रम के अंत में पुजारी जी ने सभी को आशीर्वाद प्रदान किया ।आयोजक ने आभार व्यक्त किया ।








