फतेहपुर में एक साधारण चाय की दुकान से शुरू हुआ विवाद अब सियासी रंग ले चुका है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख Akhilesh Yadav के दौरे के बाद शुरू हुआ यह मामला अब आरोप-प्रत्यारोप और मानहानि की चेतावनी तक पहुंच गया है।
बीजेपी सरकार के पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक Dhunni Singh ने अखिलेश यादव के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अखिलेश द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और यदि एक सप्ताह के भीतर उनके समर्थन में सबूत पेश नहीं किए गए तो वह मानहानि का दावा करेंगे।पूर्व मंत्री रणवेंड प्रताप सिंह धुन्नी भैया ने यहां तक कहा कि यदि आरोप साबित हो जाते हैं तो वह राजनीति से सन्यास लेने को तैयार हैं।
धुन्नी सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि घटना को जानबूझकर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि “मारपीट करने वालों की पहचान छुपाई जा रही है, क्योंकि वे मुस्लिम थे, इसलिए उनका नाम नहीं लिया गया।” इसके साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि “पहले व्यक्ति हिंदू था, लेकिन अखिलेश के संपर्क में आते ही पीडीए का हिस्सा बना दिया गया।”
वहीं, इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब अखिलेश यादव ने फतेहपुर में एक चाय विक्रेता आर्यन यादव की दुकान पर चाय पी थी। इसके बाद आर्यन ने आरोप लगाया कि उसे निशाना बनाया गया और उस पर हमले हुए। हालांकि, धुन्नी सिंह ने अवैध खनन, कछुआ तस्करी और शराब से जुड़े सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर कानूनी कार्रवाई की ओर जाता दिख रहा है, जिससे आने वाले दिनों में फतेहपुर की सियासत और गरमा सकती है।






