फतेहपुर। जिले में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नकली तंबाकू और अवैध गुटखा तैयार करने का कारोबार संचालित होने की जानकारी सामने आ रही है। सूत्रों के दावों के मुताबिक, जिले के अलग-अलग स्थानों पर बंद कमरों में तंबाकू और गुटखा तैयार कर उन्हें विभिन्न ब्रांडों के नाम पर बाजार में पहुंचाया जा रहा है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह मामला न केवल सरकारी नियमों के उल्लंघन, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े कर सकता है।
सूत्रों का दावा है कि मवेशी अस्पताल के निकट एक तंबाकू व्यापारी द्वारा कथित तौर पर बंद कमरे में विभिन्न ब्रांडों की तंबाकू तैयार की जा रही है। आरोप है कि यहां तैयार किए गए उत्पादों को खुले बाजार में भेजा जाता है। यह भी दावा किया जा रहा है कि तंबाकू में केमिकल और अन्य पदार्थ मिलाए जाते हैं। हालांकि, इन पदार्थों की वास्तविक प्रकृति और उत्पादों की गुणवत्ता की पुष्टि जांच तथा प्रयोगशाला परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।
बकन्धा गांव में गुटखा फैक्ट्री चलने का दावा
दूसरी ओर, दिलावल कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत जोनिहा के निकट बकन्धा गांव में कथित अवैध गुटखा फैक्ट्री संचालित होने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, इस फैक्ट्री में आधा दर्जन से अधिक लोग काम करते हैं और विभिन्न ब्रांडों के नाम पर गुटखा तैयार किए जाने का दावा है। यदि यहां बिना आवश्यक लाइसेंस और वैधानिक अनुमति के उत्पादन हो रहा है, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
संबंधित विभागों की भूमिका पर सवाल
इन आरोपों के सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, स्थानीय पुलिस और तंबाकू नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर इन स्थानों पर वास्तव में क्या गतिविधियां संचालित हो रही हैं? क्या तैयार किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता की जांच हुई है? क्या संबंधित इकाइयों के पास उत्पादन और बिक्री के लिए आवश्यक अनुमति है?
इन सवालों का जवाब संबंधित विभागों की निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है। फिलहाल, इन गतिविधियों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी इन कथित ठिकानों की जांच कर सच्चाई सामने लाते हैं या नहीं। यदि अवैध उत्पादन अथवा मिलावट की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करना आवश्यक होगा, ताकि आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





