रिपोर्ट- आदर्श तिवारी
फतेहपुर। बिंदकी तहसील के रेवाड़ी खुर्द गाँव की सोमवार सुबह अब तक की सबसे दर्दनाक सुबह में बदल गई। करीब 10 बजे एक भयानक विस्फोट ने न सिर्फ एक घर बल्कि पूरे मोहल्ले की नींव हिला दी। धमाके की आवाज़ इतनी तेज़ थी कि आसपास के लोग अपने घरों से भागकर बाहर आए और मलबे में फंसे लोगों की मदद के लिए दौड़े। परिवार उजड़ गया घटना गाँव के नूर मोहम्मद (57) के घर पर हुई। जानकारी के अनुसार, दीपावली के लिए घर के अंदर पटाखे बनाए जा रहे थे। अचानक हुए विस्फोट ने घर की छत उड़ा दी और मलबे में सब कुछ दबा दिया। हादसे में नूर मोहम्मद और उनकी बेटी ताइबा (18) की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल उनके पुत्र अलीसेख उर्फ शेरू (30-35) को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, वहीं, दूध देने आए लक्ष्मणपुर निवासी गुड्डू यादव (40) गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है। ग्रामीणों की घबराहट और साहस धमाके के तुरंत बाद गाँव में सन्नाटा छा गया। ग्रामीण मनोहर और मोनू यादव ने बताया, “धमाका इतना तेज़ था कि हमें समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। चारों तरफ धूल और मलबा ही मलबा था। लोग चीख रहे थे, कराह रहे थे। हमने अपनी हिम्मत जुटाकर अलीसेख और गुड्डू यादव को मलबे से बाहर निकाला।” हादसे में दूधिया की साइकिल और पीपा भी मलबे में दब गए थे। बिजली न होने की वजह से ग्रामीणों का प्रयास धुएँ को शांत करने में पूरी तरह सफल नहीं हो सका। प्रशासन की प्रतिक्रिया DSP और भारी पुलिस बल घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुँच गए। थाना प्रभारी शैलेश सिंह ने बताया कि शुरुआती जानकारी पटाखा निर्माण की ओर इशारा करती है, लेकिन विस्फोट के असली कारण का पता फॉरेंसिक जाँच के बाद ही चलेगा। सुरक्षा में लापरवाही उजागर होने पर थाना प्रभारी, हल्का प्रभारी और बीट के दो सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। DSP ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। गाँव में मातम मौतों के बाद गाँव में मातम का माहौल है। जहाँ कल तक दिवाली की तैयारियों में हँसी और खुशियाँ थीं, अब वहाँ केवल आंसू और सन्नाटा गूँज रहा है। लोग सदमे में हैं, बच्चे और बुजुर्ग घरों में डर के कारण छिपे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सुरक्षा और जाँच समय पर होती, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।








