फतेहपुर। जिले में प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों की ड्यूटी लगाए जाने की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ पीआरडी जवानों ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी आवंटन में पारदर्शिता के दावों के बावजूद कथित तौर पर मनमानी और भेदभाव किया जा रहा है। जवानों का कहना है कि वर्षों से एक ही पद पर जमे कुछ कर्मचारी अपने चहेते जवानों को मनचाही ड्यूटी दिलाने में भूमिका निभाते हैं, जबकि अन्य जवानों के लिए नियम-कायदों का हवाला दिया जाता है।
सूत्रों के अनुसार, ड्यूटी आवंटन को लेकर जवान अपनी बात खुलकर रखने से भी डरते हैं। आरोप है कि शिकायत या विरोध करने पर उन्हें नौकरी से हटाने तक की धमकी दिए जाने का भय दिखाया जाता है। जवानों का कहना है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात कर्मचारियों को पुराने अनुभव और स्थानीय स्तर पर प्रभाव का लाभ मिल रहा है, जिससे कुछ जवानों को कथित तौर पर सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मामले से नाराज कुछ पीआरडी जवानों ने अब शासन और जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करने का मन बनाया है। उनकी मांग है कि ड्यूटी आवंटन की प्रक्रिया की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जवानों के साथ समान व्यवहार हो और किसी भी स्तर पर पक्षपात न हो।
हालांकि, इस संबंध में संबंधित अधिकारी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पीआरडी जवानों की ड्यूटी पूरी पारदर्शिता के साथ पोर्टल के माध्यम से लगाई जाती है। अधिकारी के अनुसार, ड्यूटी आवंटन में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता।
अब देखना होगा कि जवानों की शिकायतों पर शासन और प्रशासन क्या कदम उठाता है और ड्यूटी आवंटन को लेकर उठे सवालों की जांच होती है या नहीं।






